गुना: निजी क्लीनिक में महिला की मौत, परिजनों ने लगाए लापरवाही के आरोप
गुना के एक निजी क्लीनिक में उपचार के दौरान 35 वर्षीय महिला की मौत हो गई। परिजनों ने उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए...

गुना | संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 5 अक्टूबर 2026
गुना शहर के हाट रोड स्थित एक निजी क्लीनिक में शनिवार दोपहर उपचार के दौरान 35 वर्षीय एक महिला की मौत हो गई। मृतका के परिजनों ने क्लीनिक प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का गंभीर आरोप लगाते हुए हंगामा किया। इस घटना के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
मृतका की पहचान म्याना निवासी ताराबाई कुशवाह के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, ताराबाई पिछले दो-तीन दिनों से बुखार से पीड़ित थी। शनिवार को उसकी तबीयत बिगड़ने पर उसे हाट रोड पर स्थित एक निजी क्लीनिक में लाया गया था। परिजनों का दावा है कि क्लीनिक में महिला को ड्रिप लगाई गई, जिसके बाद उसकी हालत तेजी से बिगड़ने लगी।
उपचार के बाद बिगड़ी हालत, रेफर किया गया
परिजनों के मुताबिक, जब महिला की तबीयत क्लीनिक में बिगड़ने लगी तो डॉक्टर ने उसे तत्काल किसी अन्य निजी अस्पताल में रेफर कर दिया। हालांकि, अस्पताल ले जाने के रास्ते में ही महिला ने दम तोड़ दिया। मौत की सूचना मिलते ही आक्रोशित परिजन वापस क्लीनिक पहुंच गए और वहां उन्होंने गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। उनकी मांग थी कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने दावा किया कि यदि समय पर सही उपचार मिलता तो ताराबाई की जान बचाई जा सकती थी।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
सूचना मिलने पर सिटी कोतवाली पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। थाना प्रभारी राजकुमार शर्मा ने बताया कि मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा। पुलिस ने डॉक्टर और मृतका के परिजनों को कोतवाली बुलाकर घटनाक्रम की जानकारी ली है। वर्तमान में क्लीनिक पर स्थिति शांत है और पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए साक्ष्य जुटाने में जुटी है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में मेडिकल टीम भी अहम भूमिका निभाएगी, जो पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार करेगी। जांच के दौरान क्लीनिक के रिकॉर्ड और डॉक्टर के बयान भी दर्ज किए जाएंगे ताकि किसी भी प्रकार की कोताही की स्थिति में उसे उजागर किया जा सके।
