गुना में वनाधिकार दावों के त्वरित निपटारे के लिए संयुक्त जांच के निर्देश
गुना के आरोन में एसडीएम मंजुषा खत्री ने राजस्व और वन विभाग के अधिकारियों को लंबित वनाधिकार दावों के भौतिक सत्यापन के लिए संयुक्त दल...

गुना | संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 3 नवंबर 2026
गुना जिले के आरोन उपखंड में, सामुदायिक वनाधिकार पट्टों से संबंधित लंबित दावों के शीघ्र निपटारे की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) मंजुषा खत्री की अध्यक्षता में संपन्न हुई एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक में राजस्व, वन और जनपद पंचायत के वरिष्ठ अधिकारियों को इस संबंध में कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। बैठक का मुख्य उद्देश्य वनाधिकार दावों के निपटारे की प्रक्रिया में तेजी लाना और पारदर्शिता सुनिश्चित करना था।
एसडीएम मंजुषा खत्री ने बैठक के दौरान जोर देकर कहा कि लंबित वनाधिकार दावों का त्वरित गति से निराकरण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने राजस्व और वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे फील्ड स्तर पर आपसी समन्वय स्थापित करते हुए एक संयुक्त दल का गठन करें। इस दल की जिम्मेदारी होगी कि वह मौके पर जाकर प्रत्येक दावे की भौतिक सत्यापन प्रक्रिया को पूरी निष्ठा और पारदर्शिता के साथ संपन्न करे। यह पहल स्थानीय निवासियों के उन हकों को सुरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है जो उन्हें वनों पर प्राप्त हैं।
संयुक्त जांच और समन्वय पर जोर
बैठक में वन और राजस्व भूमि से जुड़े विभिन्न विवादों पर भी गहन चर्चा हुई। अधिकारियों को हिदायत दी गई है कि फील्ड स्तर पर सक्रियता बढ़ाकर और विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करके लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी दावों का निस्तारण सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में आरोन के तहसीलदार धीरेंद्र गुप्ता, फॉरेस्ट रेंजर दीपांकर सिंह और कार्यपालिक मजिस्ट्रेट अमित जैन प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इनके अतिरिक्त, जनपद पंचायत के पंचायत इंस्पेक्टर, वन विभाग के बीट गार्ड और अन्य संबंधित विभागीय कर्मचारी भी इस चर्चा का हिस्सा बने। प्रशासन ने इस कवायद को स्थानीय निवासियों के वनाधिकारों को सुरक्षित करने और भूमि संबंधी पुराने विवादों को समाप्त करने की दिशा में एक निर्णायक पहल बताया है। अब प्रशासन इन निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन पर कड़ी निगरानी रखेगा।
