गुना में रामलीला: रावण के अहंकार से राम के अवतरण तक का मंचन
गुना की पुरानी गल्ला मंडी में रामलीला महोत्सव के दूसरे दिन रावण के जन्म, तपस्या और भगवान राम के अवतरण की लीला का सजीव प्रदर्शन...

गुना | संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 8 अक्टूबर 2026
गुना की पुरानी गल्ला मंडी में सार्वजनिक श्री रामलीला एवं दशहरा पर्व समिति द्वारा आयोजित रामलीला महोत्सव के दूसरे दिन रावण के अहंकार, उसकी तपस्या और भगवान श्री राम के अवतरण की कथाओं का सजीव मंचन किया गया। इस दौरान कलाकारों ने पौराणिक प्रसंगों को जीवंत कर दर्शकों को भक्ति के रंग में सराबोर कर दिया।
मंचन के दौरान दर्शाया गया कि लंका में जन्मे रावण, कुंभकर्ण और विभीषण ने ब्रह्मा जी को प्रसन्न करने के लिए घोर तपस्या की। मान्यतानुसार, मां सरस्वती ने कुंभकर्ण की बुद्धि भ्रष्ट कर दी, जिससे उसने इंद्रासन के बजाय निद्रासन की मांग की। इस पर दुखी रावण ने प्रभु से वरदान के रूप में राहत मांगी। वरदान प्राप्ति के बाद रावण ने सोने की लंका पर अपना अधिकार जमा लिया और उसके पुत्र मेघनाथ ने देवताओं एवं इंद्र को बंदी बना लिया। तीनों लोकों में रावण के बढ़ते अत्याचारों से त्रस्त होकर पृथ्वी और देवताओं ने भगवान विष्णु से मुक्ति की गुहार लगाई।
अयोध्या में राम का जन्म, राजा मनु को मिला वरदान
दूसरी ओर, राजा मनु और उनकी पत्नी सतरूपा की घोर तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने त्रेता युग में उनके घर अवतार लेने का आशीर्वाद दिया। इसी परंपरा का निर्वहन करते हुए, अयोध्या के राजा दशरथ और रानी कौशल्या के यहां भगवान राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न का जन्म हुआ। भगवान विष्णु ने यह भी स्पष्ट किया कि आदि शक्ति भी उनके साथ अवतार लेंगी। चारों बालकों के जन्म से अयोध्यावासी आनंदित हो उठे और उनके बड़े होने पर उनकी बाल लीलाओं को देखकर दर्शक भाव-विभोर हो गए।
रामलीला के मंचन में उपस्थित समिति के पदाधिकारी, नगर के गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी कलाकारों के अभिनय से मंत्रमुग्ध हो गए। इस आयोजन में कलाकारों ने अपनी भूमिकाओं के माध्यम से पौराणिक कथाओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया, जिससे समूचा वातावरण राममय हो गया।
समिति के सदस्यों ने बताया कि रामलीला के अगले चरणों में धनुष यज्ञ और लक्ष्मण-परशुराम संवाद जैसे महत्वपूर्ण प्रसंगों का सजीव मंचन किया जाएगा। पुरानी गल्ला मंडी में चल रहे इस धार्मिक आयोजन को देखने के लिए प्रतिदिन भारी भीड़ उमड़ रही है, जो कलाकारों के समर्पण और आयोजकों के प्रयासों की सफलता को दर्शाता है।
