गुना में डोल ग्यारस की भव्य शोभायात्रा, सांस्कृतिक झांकियों ने बनाए रिकॉर्ड
गुना में डोल ग्यारस पर निकली विशाल शोभायात्रा में विभिन्न समाजों के अखाड़ों और झांकियों ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। आयोजन में राष्ट्रीय और...

गुना | संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 23 सितंबर 2026
गुना शहर में डोल ग्यारस के पावन अवसर पर आयोजित भव्य शोभायात्रा ने इस वर्ष सभी पिछले कीर्तिमानों को ध्वस्त कर दिया। विराट हिंदू उत्सव समिति, चिंतन मंच, चल समारोह स्वागत समिति एवं हनुमान टेकरी ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुए इस आयोजन में विभिन्न समुदायों के अखाड़ों, झांकियों और उत्कृष्ट प्रतिभाओं का प्रदर्शन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं और शहरवासियों ने इस महाउत्सव में भाग लेकर श्रद्धा और उल्लास का परिचय दिया।
आयोजन के कुशल संचालन के दौरान, कैलाश मंथन ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय और सामाजिक एकता की वर्तमान आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बड़े पर्व और उत्सव सांप्रदायिक सौहार्द को मजबूत करने के प्रत्यक्ष प्रतीक होते हैं। मंथन ने इस निर्विघ्न आयोजन के लिए जिला प्रशासन, पुलिस बल, आयोजन समिति के कार्यकर्ताओं और मीडिया का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गणेश उत्सव की पूर्णाहुति अनंत चतुर्दशी के दिन संपन्न होगी।
सांस्कृतिक विविधता और प्रतिभाओं का संगम
इस वर्ष के उत्सव में कोरी, नामदेव, मैथिल ओझा, वाल्मीकि, कुशवाह, राठौर, जाटव और योगी समाज सहित विभिन्न समुदायों ने अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिनका प्रदर्शन अत्यंत सराहनीय रहा। शहर के लगभग 250 स्थानों पर स्थापित झांकियां विशेष रूप से आकर्षित कर रही थीं, जो विभिन्न धार्मिक और सामाजिक विषयों को दर्शा रही थीं।
महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और दुर्गा वाहिनी का प्रदर्शन
शोभायात्रा में महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। दुर्गा वाहिनी की बालिकाओं ने तलवारबाजी और हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन कर उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली इन बालिकाओं को समिति द्वारा पुरस्कृत भी किया गया। डोल ग्यारस का यह महापर्व देर रात तक अपनी भव्यता और सामाजिक समरसता का संदेश देते हुए संपन्न हुआ। प्रशासन की तत्परता और नागरिकों के सहयोग ने इस आयोजन को एक ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया, जिससे पूरे शहर का वातावरण भक्तिमय बना रहा।
