गुना को टीबी मुक्त बनाने का अभियान तेज, युवाओं की भागीदारी पर जोर
गुना जिले को पूरी तरह टीबी मुक्त बनाने के लिए प्रशासन ने 'जोश' कार्यक्रम का शुभारंभ किया है। इसमें युवाओं को जोड़कर ग्राम पंचायतों में...

गुना | संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 8 अक्टूबर 2026
गुना जिले को क्षय रोग (टीबी) मुक्त बनाने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रशासन ने 'जोश' कार्यक्रम के तहत अपनी कार्ययोजना को तेज कर दिया है। गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत इस कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ, जिसका सीधा प्रसारण जिले के शुभविदाई गार्डन में आयोजित एक समारोह में दिखाया गया। इस अवसर पर टीबी से बचाव, समय पर उपचार और पौष्टिक आहार के महत्व पर गहनता से चर्चा की गई।
इस 'जोश' कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को टीबी उन्मूलन की दिशा में सक्रिय रूप से जोड़ना है। योजना के अनुसार, इसके प्रथम चरण में विभिन्न सरकारी अधिकारियों का मोबाइल ऐप पर पंजीकरण होगा। इसके उपरांत, क्लास-वन अधिकारी अपने अधीनस्थ स्वयंसेवकों की टीम गठित करेंगे। ये टीमें टीबी के मरीजों की वर्तमान स्थिति के साथ-साथ विभाग द्वारा किए जा रहे विभिन्न कार्यों की प्रगति पर निरंतर निगरानी रखेंगी और नियमित रूप से रिपोर्टिंग सुनिश्चित करेंगी।
सभी 421 पंचायतों को संक्रमण मुक्त बनाने का लक्ष्य
जिलाधिकारी किशोर कुमार कन्याल ने इस अभियान की प्राथमिकता को स्पष्ट करते हुए कहा कि जिले की सभी 421 ग्राम पंचायतों को टीबी संक्रमण से मुक्त कराना प्रशासन का सर्वोपरि लक्ष्य है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि टीबी के मरीज के उपचार में केवल दवाएं ही नहीं, बल्कि पौष्टिक आहार का सेवन भी अत्यंत आवश्यक है। इसी को ध्यान में रखते हुए, मरीजों के लिए फूड बास्केट की व्यवस्था की जा रही है। जिलाधिकारी ने मरीजों के परिजनों की उचित देखभाल की आवश्यकता पर भी बल दिया, ताकि संक्रमण के फैलाव को प्रभावी ढंग से रोका जा सके।
जागरूकता और समर्पण से मिलेगा मुक्ति
कलेक्टर कन्याल ने जिले के निवासियों से अपील की है कि वे टीबी के किसी भी लक्षण को देखकर घबराएं नहीं, बल्कि तत्काल और समय पर चिकित्सक से संपर्क करें। उन्होंने बताया कि समय पर निदान और उपचार से इस बीमारी को पूरी तरह हराया जा सकता है। कार्यक्रम के समापन पर, उन ग्राम पंचायतों के सरपंचों और सचिवों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया, जहाँ एक भी टीबी का मरीज पंजीकृत नहीं था। इस महत्वपूर्ण अवसर पर जिला अध्यक्ष धर्मेन्द्र सिकरवार, नगरपालिका उपाध्यक्ष धरम सोनी और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. राजकुमार ऋषिश्वर सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर गुना को पूर्णतः टीबी मुक्त बनाने के अपने संकल्प को पुनः दोहराया।
