गुना जिला अस्पताल में अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीकें सीखीं
गुना जिला अस्पताल में अग्निशमन और आपातकालीन बचाव का विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया गया। फायर सेफ्टी टीम ने अस्पताल स्टाफ को आग बुझाने और मरीजों...

गुना | संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 23 सितंबर 2026
गुना जिले के जिला चिकित्सालय में अग्नि सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल के निर्देशन में आयोजित इस विशेष अभ्यास में अस्पताल के समस्त स्टाफ को आपातकालीन स्थितियों से निपटने और आग लगने की सूरत में त्वरित कार्रवाई करने के गुर सिखाए गए। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार ऋषिश्वर के मार्गदर्शन में संपन्न हुए इस कार्यक्रम में नगर पालिका की फायर सेफ्टी टीम ने सक्रिय भूमिका निभाई। प्रशिक्षण सत्र का समन्वय अस्पताल के सहायक प्रबंधक डॉ. सूरज सिंह ने किया। इस दौरान, शकील खान, जो फायर सेफ्टी टीम का हिस्सा थे, ने चिकित्सा कर्मियों को आग लगने की स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया देने के प्रभावी तरीके बताए।
आग बुझाने के उपकरणों का प्रशिक्षण
प्रशिक्षण के दौरान, अस्पताल के कर्मचारियों को एबीसी और कार्बन डाइऑक्साइड जैसे विभिन्न प्रकार के फायर एक्सटिंग्विशर के सुरक्षित और प्रभावी संचालन के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इसके अलावा, आपातकालीन निकास द्वारों (फायर एग्जिट) के उपयोग और आपातकालीन निकासी मार्गों को सुचारू रखने के महत्व पर विशेष बल दिया गया, ताकि संकट के समय भाग-दौड़ में कोई अप्रिय घटना न हो।
मरीजों को सुरक्षित निकालने का अभ्यास
प्रशिक्षण का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा अग्नि दुर्घटना के दौरान मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया रही। फायर सेफ्टी टीम ने 'चेयर नॉट' (Chair Knot) जैसी कई रेस्क्यू तकनीकों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। इस तरह की तकनीकों से यह सुनिश्चित किया जाता है कि गंभीर रूप से बीमार या चल-फिर न सकने वाले मरीजों को भी सुरक्षित रूप से अस्पताल परिसर से बाहर निकाला जा सके। इस अभ्यास का उद्देश्य यह था कि आपातकाल में अस्पताल का स्टाफ पूरी तत्परता और कुशलता से काम कर सके।
इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण सत्र में नर्सिंग ऑफिसर शैलेंद्र सिंह, प्रीति तोमर, संगीता लोखंडे, क्वालिटी असेसर संजना अगस्टाइन, निखिल श्री सिंह और मुरारी जाटव सहित अस्पताल के सुरक्षा, सफाई और ग्रुप-डी स्टाफ के सदस्य भी शामिल हुए। इस अभ्यास के माध्यम से अस्पताल प्रशासन ने भविष्य में किसी भी संभावित अग्नि दुर्घटना से निपटने के लिए अपनी तैयारियों को और मजबूत किया है, जिससे मरीजों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इस प्रशिक्षण को अस्पताल की समग्र सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
