गुना जनसुनवाई: कलेक्टर ने सुनीं 215 शिकायतें, 3 मरीजों को मिली आर्थिक मदद
गुना कलेक्ट्रेट में आयोजित जिला स्तरीय जनसुनवाई में कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने 215 आवेदन प्राप्त किए। सीमांकन, बिजली, पेंशन आदि से संबंधित समस्याओं का...

गुना | संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 22 सितंबर 2026
गुना कलेक्ट्रेट में मंगलवार को आयोजित जिला स्तरीय जनसुनवाई में आम नागरिकों की विभिन्न समस्याओं का अंबार देखने को मिला। कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर फरियादियों की समस्याओं को सुना और उनके शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। इस दौरान कुल 215 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें सीमांकन, बिजली, पेंशन, नगरपालिका, स्वास्थ्य और नामांतरण जैसे महत्वपूर्ण मामले शामिल थे।
जनसुनवाई प्रक्रिया के दौरान, कलेक्टर ने मानवीय दृष्टिकोण का परिचय देते हुए आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद मरीजों की सहायता के लिए रेडक्रॉस सोसायटी का सहारा लिया। विकास नगर निवासी कृष्ण बल्लभ शर्मा, जो हेमिप्लेजिया बीमारी से पीड़ित हैं, ने इलाज के लिए गुहार लगाई थी। इसी प्रकार, श्रीराम कॉलोनी की शांति अहिरवार और मूसाखेड़ी ग्राम की लाडोदेवी को भी उपचार के लिए वित्तीय सहायता की आवश्यकता थी। इन सभी पात्र हितग्राहियों को रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से 10-10 हजार रुपये की राशि के चेक प्रदान किए गए, जिससे उनके इलाज में सहायता मिलेगी।
शिकायतों के त्वरित निराकरण के निर्देश
कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों के त्वरित और प्रभावी निपटान पर जोर दिया। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्राप्त सभी आवेदनों का समयबद्ध तरीके से निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नागरिकों की समस्याओं का समाधान शीघ्र और सुगम तरीके से हो।
प्रशासनिक स्तर पर शिकायतों के प्रभावी निपटान के लिए राजस्व एवं पंचायत विभाग की टीमों को एक साथ बैठाया गया, जिससे कई मामलों का समाधान मौके पर ही संभव हो सका। इस एकीकृत दृष्टिकोण से आवेदकों को अलग-अलग विभागों में भटकना नहीं पड़ेगा और उनकी समस्याओं का एक ही स्थान पर समाधान हो सकेगा। यह कदम प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और दक्षता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक दुबे सहित जिले के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। उन्होंने भी जनसुनवाई के महत्व पर प्रकाश डाला और नागरिकों की समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता बनाए रखने पर बल दिया। प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी नागरिकों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने के लिए इसी तरह की जनसुनवाइयां नियमित रूप से आयोजित की जाती रहेंगी। यह सुनिश्चित करेगा कि स्थानीय प्रशासन नागरिकों की आवाज को अनसुना न करे और उनकी चिंताओं का समय रहते समाधान हो सके।
जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों की प्रकृति को देखते हुए, कलेक्टर ने विशेष रूप से राजस्व संबंधी मामलों, जैसे सीमांकन और नामांतरण, पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया। इसी तरह, बिजली आपूर्ति से संबंधित शिकायतों का समाधान बिजली विभाग के अधिकारियों को सौंपा गया, ताकि उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली मिल सके। स्वास्थ्य संबंधी सहायता उन लोगों को प्रदान की गई जिन्हें तत्काल चिकित्सा उपचार की आवश्यकता थी, जैसा कि रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से प्रदान की गई वित्तीय सहायता से स्पष्ट है। यह दर्शाता है कि प्रशासन विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर रहा है ताकि सभी प्रकार की नागरिक शिकायतों का प्रभावी ढंग से निवारण किया जा सके।
