गुना: गौवंश तस्करी का पर्दाफाश, छह गिरफ्तार, फर्जी लेटरपैड बरामद
गुना के म्याना थाना क्षेत्र में गौसेवकों की सूचना पर पुलिस ने बछड़ों से भरी दो पिकअप जब्त कर छह तस्करों को गिरफ्तार किया है।...

गुना | संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 22 सितंबर 2026
गुना जिले के म्याना थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह गौवंश की तस्करी के एक बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है। स्थानीय गौसेवकों की सक्रियता और दी गई सूचना के बाद पुलिस ने दो पिकअप गाड़ियों को जब्त किया है, जिनमें बड़ी संख्या में बछड़ों को क्रूरतापूर्वक भरा गया था। इस संबंध में पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
सुबह करीब दस बजकर तीस मिनट पर म्याना के गौसेवकों को सूचना मिली थी कि दो पिकअप गाड़ियां, जिनके नंबर एमपी 69-1140 और एमपी 45-2710 हैं, ऊमरी की ओर से बछड़ों को भरकर ले जा रही हैं। सूचना मिलते ही रामसिंह रजक, अक्षत शुकाना और कन्हैया कुशवाह ने ऊमरी पुलिया के पास वाहनों को रोकने का प्रयास किया। मौके पर पहुंची म्याना पुलिस ने दोनों वाहनों को रोककर जब्त कर लिया।
वाहनों से मिली क्रूरता की दास्तान
जांच के दौरान यह पाया गया कि प्रत्येक पिकअप वाहन में पांच-पांच बछड़ों को अत्यधिक कसाव के साथ भरा गया था। बछड़ों के गले में रस्सियां कसी हुई थीं और उन्हें चारे-पानी की कोई व्यवस्था नहीं थी, जो पशु क्रूरता को दर्शाता है। पुलिस ने इस मामले में अमन सिंह मैड़ा, हीरू सिंह चौहान, छगन मैड़ा, केरम सिंह रावत, दीपक बघेल और कमल सिंह पटेलिया को गिरफ्तार किया है।
फर्जी लेटरपैड और राजनीतिक संबंधों का आरोप
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि ये बछड़े बमोरी के शिकारी गांव से अलीराजपुर ले जाए जा रहे थे। पुलिस को तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से एक मंत्री का फर्जी लेटरपैड भी बरामद हुआ है। इस फर्जी लेटरपैड की बरामदगी के बाद पुलिस पूरे मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है और इसके पीछे के मुख्य संचालकों की तलाश में जुटी है। थाने ले जाने के दौरान आरोपियों ने पुलिस के साथ विवाद और हाथापाई का भी प्रयास किया।
सभी जब्त किए गए बछड़ों का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। क्षेत्र में सक्रिय इस तस्करी गिरोह को लेकर गौसेवकों ने स्थानीय राजनीतिक संलिप्तता के गंभीर आरोप भी लगाए हैं। पुलिस पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11 के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच कर रही है।
