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गुना: 360 बीघा वन भूमि से अतिक्रमण हटा, प्रशासन का बुलडोजर चला

गुना जिले के मकसूदनगढ़ में प्रशासन ने बड़े अभियान के तहत 360 बीघा वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। भारी मशीनों के इस्तेमाल से अवैध...

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•संवाददाता: राजा हतम वेग
गुना: 360 बीघा वन भूमि से अतिक्रमण हटा, प्रशासन का बुलडोजर चला

गुना | संवाददाता: राजा हतम वेग

द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 8 अक्टूबर 2026

गुना जिले के मकसूदनगढ़ वन परिक्षेत्र में प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 360 बीघा सरकारी वन भूमि को अतिक्रमणकारियों के अवैध कब्जे से मुक्त कराया है। राघौगढ़ के एसडीएम अमित कुमार सोनी के नेतृत्व में वन विभाग, पुलिस और राजस्व अधिकारियों की संयुक्त टीम ने भारी मशीनों का उपयोग कर इस अतिक्रमण को हटाया। इस क्षेत्र में अब व्यापक वृक्षारोपण और वन स्थापना का कार्य किया जाएगा, जिसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और वनों के संवर्धन को सुनिश्चित करना है।

यह महत्वपूर्ण अभियान कलेक्टर किशोर कन्याल, पुलिस अधीक्षक हितिका वासल और वनमंडलाधिकारी अक्षय राठौर के संयुक्त निर्देशन एवं मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। यह कार्रवाई मकसूदनगढ़ वन परिक्षेत्र के बीट बंजला, कक्ष क्रमांक 757 में स्थित थी, जो अब अतिक्रमण मुक्त हो गई है। इससे पहले, 14 जुलाई 2026 को ग्राम सुंदरपुरा में भी 120 बीघा वन भूमि को इसी तरह के अतिक्रमण से मुक्त कराया गया था, जो शासकीय भूमि की सुरक्षा के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस बार की कार्रवाई में 18 जेसीबी और 2 पोकलेंन मशीनों जैसी भारी मशीनरी का उपयोग किया गया, जो अतिक्रमण की गंभीरता और उसे हटाने की प्रशासनिक तत्परता को इंगित करता है। मौके पर शांति व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए 100 वनकर्मी, 35 पुलिस बल और 15 प्रशासनिक अधिकारियों की एक मजबूत टीम तैनात की गई थी।

अतिक्रमणकारियों ने किया बाधा डालने का प्रयास

कार्रवाई के दौरान, कुछ असामाजिक तत्वों और अतिक्रमणकारियों ने गोफन, लाठी और डंडों के माध्यम से अभियान में बाधा डालने का प्रयास किया। उनका उद्देश्य सरकारी संपत्ति पर अपने अवैध कब्जे को बनाए रखना था। हालांकि, प्रशासन की सुनियोजित तैयारी, कड़े सुरक्षा इंतजाम और पर्याप्त संख्या में तैनात सुरक्षा बल के कारण वे अपने मंसूबों में सफल नहीं हो सके। बल प्रयोग की किसी भी आवश्यकता से पहले ही, अतिक्रमणकारी अपनी मंशा में विफल होते देख वहां से भाग खड़े हुए। यह घटनाक्रम दर्शाता है कि प्रशासन ऐसे किसी भी प्रतिरोध से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार था।

अवैध कब्जे के विरुद्ध निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी

इस पूरी कार्रवाई में उपवन मंडल अधिकारी इंदर सिंह धाकड़, कार्यपालिक मजिस्ट्रेट कमल सिंह कोली, रेंजर धर्मेंद्र शर्मा, सौरभ द्विवेदी, हेमंत भार्गव, दीपांकर सिंह, सचिन गुप्ता, प्रेरणा दुबे और जामनेर थाना प्रभारी मनोज मेहरा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। जिला प्रशासन ने इस अवसर पर एक कड़ा संदेश देते हुए स्पष्ट किया है कि सरकारी और वन भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा, पर्यावरण संतुलन बनाए रखने और देश में विधि का शासन स्थापित करने के उद्देश्य से भविष्य में भी इसी तरह की कठोर और निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन की इस सक्रियता और त्वरित कार्रवाई ने स्थानीय स्तर पर यह स्पष्ट संदेश दिया है कि अवैध निर्माण और अनधिकृत अतिक्रमण के विरुद्ध किसी भी प्रकार की ढील नहीं बरती जाएगी, और कानून का पालन सख्ती से किया जाएगा।

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