गोण्डा में उत्सवों के बीच जनसुनवाई, आवारा पशुओं का आतंक और छात्र की मौत
गोण्डा में महाराजा श्री अग्रसेन जयंती के आयोजन के बीच, मनकापुर में आवारा सांड के हमले में छात्र की मौत से आक्रोश है। डीआईजी ने...

गोण्डा | संवाददाता: बी पी त्रिपाठी
द क्लिफ न्यूज़ | गोण्डा | 3 अक्टूबर 2026
उत्तर प्रदेश के गोण्डा जिले में आगामी दिनों में कई महत्वपूर्ण सामाजिक आयोजन होने हैं, जिनमें महाराजा श्री अग्रसेन जयंती समारोह प्रमुख है। इस जयंती समारोह की शुरुआत 4 अक्टूबर को साइकिल दौड़ प्रतियोगिता से होगी, जिसमें पहली बार महिला प्रतिभागियों को भी शामिल किया गया है। चार दिवसीय यह समारोह 4, 9, 10 और 11 अक्टूबर तक चलेगा, जिसमें मयूरी डांडिया, गरबा उत्सव, मास्टर शेफ, शतरंज और रस्साकसी जैसी विभिन्न सांस्कृतिक और खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। समारोह का समापन ध्वजारोहण और पुरस्कार वितरण के साथ होगा।
समारोहों के बीच, जिले में आवारा पशुओं के बढ़ते आतंक ने गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। मनकापुर कोतवाली क्षेत्र के अंबरपुर खेसरी गांव में शनिवार तड़के एक 15 वर्षीय छात्र अरुण कुमार की आवारा सांड के हमले में दर्दनाक मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सांड ने छात्र को पटक-पटक कर गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। इस घटना ने ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त कर दिया है और उन्होंने प्रशासन से आवारा पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
जनसुनवाई में त्वरित निस्तारण पर जोर
इसी बीच, प्रशासनिक स्तर पर भी जनसुनवाई जारी है। अलावल देवरिया में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस पर देवीपाटन परिक्षेत्र के डीआईजी अशोक कुमार शुक्ला ने उपस्थित रहकर लोगों की शिकायतें सुनीं। उन्होंने राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारियों को प्राप्त शिकायतों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के सख्त निर्देश दिए। डीआईजी शुक्ला ने जोर देकर कहा कि समस्याओं का समाधान केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इस दौरान स्थानीय प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
चित्रगुप्त महासभा ने सौंपा ज्ञापन
इसके अतिरिक्त, अखिल भारतीय चित्रगुप्त महासभा ने विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह को दो सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन सौंपा है। महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विवेक मणि श्रीवास्तव के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में गोण्डा शहर में एक चित्रगुप्त द्वार की स्थापना और बाहर से आने वाले कायस्थ परिवारों के लिए दो बीघे भूमि आवंटित करने की मांग की गई है। यह मांग कायस्थ समुदाय के सांस्कृतिक और सामाजिक विकास से जुड़ी हुई है।
