एटीएम धोखाधड़ी: 36 लाख की सामग्री संग अंतरराज्यीय गिरोह गिरफ्तार
भिंड पुलिस ने एटीएम मशीनों में एल्युमीनियम प्लेट लगाकर ग्राहकों के पैसे रोकने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के तीन सदस्यों को 36 लाख की सामग्री के...

भिण्ड | संवाददाता: दीपेंद्र बौहरे
द क्लिफ न्यूज़ | 4 अक्टूबर 2026
भिंड पुलिस ने एटीएम मशीनों में तकनीकी हेराफेरी कर बैंक ग्राहकों से धोखाधड़ी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 36 लाख रुपये मूल्य की सामग्री बरामद की है, जिसमें 94 एटीएम कार्ड, लग्जरी कार और उपकरण शामिल हैं।
यह कार्रवाई तब हुई जब एक फरियादी ने 29 सितंबर 2026 को गोरमी तिराहे पर स्थित भारतीय स्टेट बैंक के एटीएम से पैसे निकालते समय धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई। फरियादी के अनुसार, ट्रांजेक्शन सफल होने के बावजूद उसे एटीएम से राशि प्राप्त नहीं हुई थी। इस शिकायत के आधार पर, पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार वर्मा के निर्देशन में एक टीम गठित की गई और तकनीकी साक्ष्यों तथा मुखबिर तंत्र की मदद से मामले की जांच शुरू की गई।
संदिग्ध अवस्था में घूमते पकड़े गए आरोपी
2 अक्टूबर 2026 को, पुलिस ने गोरमी तिराहे के पास संदिग्ध अवस्था में घूम रहे तीन युवकों को घेरकर पकड़ा। पूछताछ में आरोपियों ने अपनी पहचान सत्यार्थ (अयोध्या), सत्यम सिंह (कानपुर) और अभिजीत सिंह (हरदोई) के रूप में बताई। ये सभी उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे गूगल मैप का उपयोग करके राजमार्गों के किनारे स्थित एटीएम को चिह्नित करते थे।
एल्युमीनियम प्लेट से पैसे रोकते थे
गिरोह एटीएम मशीन के डिस्पेंसिंग पॉइंट पर एल्युमीनियम प्लेट और काले टेप का इस्तेमाल कर ग्राहकों द्वारा निकाली गई नकदी को बीच में ही रोक लेता था। इस तरह वे ग्राहकों को यह विश्वास दिलाते थे कि मशीन में कोई समस्या है, जबकि वे वास्तव में उनके पैसे चुरा लेते थे। आरोपियों ने यह भी खुलासा किया कि वे वर्ष 2018 से इस प्रकार की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं और पहले भी उत्तराखंड के देहरादून व रुद्रपुर में इसी तरह के मामलों में जेल जा चुके हैं।
बरामदगी और अग्रिम कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों के पास से सात एल्युमीनियम प्लेट, टेप, कटर, चार मोबाइल फोन, 94 एटीएम कार्ड और एक टाटा हैरियर कार जब्त की है। इस पूरी कार्रवाई में मेहगांव थाना निरीक्षक रविंद्र शर्मा और उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318 (4) के तहत मामला दर्ज किया गया है और आगे की वैधानिक प्रक्रियाएं जारी हैं।
