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एनएचएम संविदा कर्मियों का प्रदर्शन, 10 तक मांगों पर फैसले की समय-सीमा

फर्रुखाबाद में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा कर्मचारियों ने नियमितीकरण और समान वेतन समेत आठ सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। 10 अक्टूबर तक मांगें...

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•संवाददाता: संदीप तिवारी
एनएचएम संविदा कर्मियों का प्रदर्शन, 10 तक मांगों पर फैसले की समय-सीमा

फर्रुखाबाद | संवाददाता: संदीप तिवारी

द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 8 अक्टूबर 2026

फतेहगढ़ स्थित मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय परिसर में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारियों ने गुरुवार को अपनी लंबित आठ सूत्रीय मांगों के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के बैनर तले एकत्रित हुए कर्मचारियों ने शासन को चेताया है कि यदि 10 अक्टूबर तक उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो वे 12 अक्टूबर से लखनऊ में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।

प्रदर्शनकारी स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि वे पिछले 15 से 18 वर्षों से स्वास्थ्य विभाग में संविदा पर सेवाएं दे रहे हैं। कोरोना महामारी के मुश्किल दौर में भी उन्होंने पूरी निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाईं, लेकिन आज भी उन्हें नियमित कर्मचारियों के समान सुविधाएं और सेवा सुरक्षा प्राप्त नहीं है।

कर्मचारियों की प्रमुख मांगें

कर्मचारियों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में कई महत्वपूर्ण मांगे शामिल हैं। इनमें संविदा से नियमितीकरण, समान काम के लिए समान वेतन, दस लाख रुपये का फैमिली फ्लोटर कैशलेस स्वास्थ्य बीमा, और महंगाई भत्ते का प्रावधान प्रमुख हैं। इसके अतिरिक्त, कर्मचारियों ने प्रभावी ईपीएफ (कर्मचारी भविष्य निधि), नियोक्ता अंशदान, हाउस रेंट अलाउंस (एचआरए) और ग्रेच्युटी जैसे लाभों को भी लागू करने की अपील की है। स्वास्थ्य विभाग में रिक्त पदों के सृजन की मांग भी इस प्रदर्शन का एक अहम हिस्सा रही।

आश्वासन के बावजूद समाधान का अभाव

संघ के जिलाध्यक्ष राज आर्यन अग्निहोत्री की अध्यक्षता और मंत्री राखी के संचालन में हुए इस धरने के दौरान वक्ताओं ने कहा कि बार-बार शासन स्तर पर आश्वासन मिलने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है। ऐसे में, अब कर्मचारियों ने आर-पार की लड़ाई का निर्णय लिया है। प्रदर्शनकारियों ने इस बात पर भी जोर दिया कि पिछले कई वर्षों से लंबित मांगों पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। इस विरोध प्रदर्शन में प्रदीप कुमार, रेनू मिश्रा, नरेंद्र चौरसिया, डॉ. रुपेश कुमार, डॉ. श्याम किशोर, अभिषेक वाजपेयी, साबिर हुसैन और प्रमोद दीक्षित सहित बड़ी संख्या में संविदा कर्मचारी मौजूद रहे।

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