दिग्विजय-लक्ष्मण ने साधा मंच, राघौगढ़ में दिखी राजपरिवार की अटूट एकता
राघौगढ़ में सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा के दौरान दिग्विजय सिंह व लक्ष्मण सिंह एक मंच पर दिखे। पारिवारिक एकजुटता का संदेश देकर राजनीतिक अटकलों पर...

राधौगढ़ | संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | राधौगढ़ | 5 नवंबर 2026
गुना जिले के राघौगढ़ विधानसभा क्षेत्र में सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा के आगमन के अवसर पर एक अनोखा राजनीतिक और पारिवारिक मिलन देखने को मिला। पीपलखेड़ी में आयोजित एक भव्य जनसभा में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और उनके अनुज एवं पूर्व सांसद लक्ष्मण सिंह ने न केवल एक साथ मंच साझा किया, बल्कि एक-दूसरे के प्रति आत्मीयता प्रदर्शित कर राजनीतिक गलियारों में चल रही तमाम अटकलों पर विराम लगा दिया। यह पहला अवसर था जब कांग्रेस से निष्कासन के बाद दोनों भाई सार्वजनिक मंच पर एक साथ नजर आए।
सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा, जो उज्जैन से अयोध्या की ओर प्रस्थान कर रही है, के दौरान राघौगढ़ में धार्मिक उत्साह के साथ-साथ पारिवारिक समरसता का माहौल भी दिखा। दिग्विजय सिंह ने अपने नाती का हाथ थामकर पदयात्रा में हिस्सा लिया। मंच पर दिग्विजय सिंह ने अपने अनुज लक्ष्मण सिंह के कंधे पर आत्मीयता से हाथ रखकर पारिवारिक एकजुटता का स्पष्ट संदेश दिया। राघौगढ़ राजपरिवार की इस उपस्थिति ने जनसैलाब का ध्यान आकर्षित किया।
राजपरिवार की अगली पीढ़ी की उपस्थिति
इस कार्यक्रम में राघौगढ़ राजपरिवार की कई पीढ़ियों ने एक साथ शिरकत की। मंच पर दिग्विजय सिंह के साथ उनके सुपुत्र व पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह, बहू सृजाम्या सिंह और पोते सहस्त्रजय सिंह भी उपस्थित थे। वहीं, लक्ष्मण सिंह ने अपने नन्हें नाती को गोद में लेकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। दोनों पीढ़ियों के बीच का यह पारिवारिक सामंजस्य उपस्थित नागरिकों के लिए भावविभोर कर देने वाला क्षण था।
दिग्विजय सिंह ने अटकलों को किया खारिज
जनसभा को संबोधित करते हुए दिग्विजय सिंह ने परिवार को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि लोग उनके परिवार को लेकर तरह-तरह की भ्रांतियां फैलाते रहे हैं, लेकिन राघौजी की कृपा से वे सदैव एक साथ हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका परिवार पहले भी एकजुट था और भविष्य में भी उसी प्रकार बना रहेगा। दिग्विजय सिंह ने जोर देकर कहा कि राजनीति अपनी जगह है, जबकि परिवार के आंतरिक विषयों को घर के भीतर ही सुलझा लिया जाएगा। उन्होंने बड़े भाई के नाते अपने अनुज की सुरक्षा और भलाई के प्रति अपनी नैतिक जिम्मेदारी भी दोहराई।
लक्ष्मण सिंह ने भाई के प्रति जताया सम्मान
दिग्विजय सिंह की बातों पर लक्ष्मण सिंह ने मुस्कुराते हुए अपने बड़े भाई के प्रति सम्मान प्रकट किया और उनके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु होने की कामना की। इस पूरे आयोजन ने न केवल क्षेत्र में धार्मिक चेतना का संचार किया, बल्कि राघौगढ़ राजपरिवार की आपसी एकता को भी मजबूती प्रदान की। उपस्थित जनसमूह ने इस दृश्य को ऐतिहासिक बताते हुए तालियों की गड़गड़ाहट के साथ अपनी स्वीकृति दी।
