दमोह: स्वास्थ्य विभाग ने चलाया स्वच्छता अभियान, स्वस्थ जीवन की ली शपथ
दमोह जिले में 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने कार्यालय परिसर में श्रमदान किया और नशीले पदार्थों के...

द क्लिफ न्यूज़ डेस्क | संवाददाता: अनिल राठौर
द क्लिफ न्यूज़ | दमोह | 4 अक्टूबर 2026
दमोह जिले में राष्ट्रव्यापी 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान के तहत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय परिसर सहित विभिन्न स्वास्थ्य संस्थाओं में एक विशेष सफाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अभियान में विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सभी ने मिलकर कार्यालय परिसर के हर कोने को साफ करने के लिए श्रमदान किया और भविष्य में भी इस स्वच्छता को बनाए रखने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राकेश राय ने उपस्थित कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि एक स्वच्छ परिवेश बनाना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अपने कार्यस्थल और आसपास के वातावरण को साफ-सुथरा रखने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को निरंतर सक्रिय प्रयास करने चाहिए। डॉ. राय ने स्पष्ट किया कि स्वच्छता की दिशा में उठाया गया हर छोटा कदम एक स्वस्थ समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देता है। यह न केवल हमारे व्यक्तिगत स्वास्थ्य के लिए, बल्कि पूरे समुदाय के कल्याण के लिए भी आवश्यक है। उन्होंने यह भी बताया कि स्वच्छ वातावरण संक्रामक रोगों के प्रसार को रोकने में अहम भूमिका निभाता है, जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य बेहतर होता है।
स्वस्थ जीवनशैली के लिए नशीले पदार्थों का त्याग
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रीता चटर्जी ने स्वच्छता और स्वास्थ्य के बीच गहरे अंतर्संबंधों पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि केवल बाहरी सफाई ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाना भी अत्यंत आवश्यक है। डॉ. चटर्जी ने उपस्थित सभी लोगों को पान, बीड़ी, गुटखा और तंबाकू जैसे हानिकारक नशीले पदार्थों के सेवन से दूर रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ये पदार्थ न केवल व्यक्ति के शारीरिक स्वास्थ्य को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि उनके मानसिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव डालते हैं।
डॉ. चटर्जी के अनुसार, नशीले पदार्थों से दूरी बनाना और सकारात्मक आदतों को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना, स्वच्छता अभियान का ही एक महत्वपूर्ण अंग है। यह एक समग्र दृष्टिकोण है जो व्यक्तिगत स्वच्छता से शुरू होकर सामाजिक और पर्यावरणीय स्वच्छता तक फैला हुआ है। उन्होंने व्यायाम, संतुलित आहार और पर्याप्त नींद जैसी स्वस्थ आदतों को अपनाने के महत्व पर भी प्रकाश डाला। इन आदतों को अपनाने से व्यक्ति न केवल बीमारियों से बच सकता है, बल्कि उसकी जीवन की गुणवत्ता भी सुधरती है। इस कार्यक्रम के समापन पर, सभी उपस्थित लोगों ने स्वच्छता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया और इसे अपनी कार्य संस्कृति का एक अभिन्न अंग बनाने का निर्णय लिया। इस विशेष सफाई कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विभाग के अनेक अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे, जिन्होंने सामूहिक रूप से इस नेक कार्य में अपना योगदान दिया। यह अभियान दर्शाता है कि स्वास्थ्य विभाग न केवल रोगों के उपचार पर ध्यान केंद्रित करता है, बल्कि निवारक उपायों और स्वस्थ जीवन शैली को बढ़ावा देने के लिए भी सक्रिय रूप से प्रतिबद्ध है।
