दमोह मेडिकल कॉलेज को सरकारी नियंत्रण में रखने की मांग, विधायक ने सीएम को सौंपा ज्ञापन
दमोह विधायक जयंत मलैया ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को ज्ञापन सौंपकर नवनिर्मित मेडिकल कॉलेज को पीपीपी मॉडल के बजाय शासकीय स्तर पर संचालित करने...

दमोह | संवाददाता: अनिल राठौर
द क्लिफ न्यूज़ | दमोह | 24 सितंबर 2026
दमोह विधायक जयंत मलैया ने गुरुवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को ज्ञापन सौंपकर जिले में निर्माणाधीन नवीन मेडिकल कॉलेज को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के बजाय पूरी तरह से शासकीय स्तर पर संचालित करने की पुरजोर मांग की है। विधायक ने इसे स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा और स्थानीय रोजगार सृजन की दृष्टि से एक अत्यंत महत्वपूर्ण संस्थान करार दिया है।
श्री मलैया ने मुख्यमंत्री को सौंपे पत्र में इस मेडिकल कॉलेज के शासकीय संचालन को प्राथमिकता देने का आग्रह किया है। ज्ञात हो कि इस मेडिकल कॉलेज के लिए अब तक लगभग 355 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की जा चुकी है। भवन निर्माण पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, फर्नीचर, उपकरण और बायोमेडिकल उपकरणों की खरीद के लिए भी प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है। कॉलेज के संचालन के लिए 12.14 हेक्टेयर भूमि भी आवंटित की जा चुकी है। विधायक का मानना है कि सरकारी नियंत्रण में संचालित होने से यह संस्थान गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेगा, साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए उच्च शिक्षा और रोजगार के अवसर भी खोलेगा।
सड़कों के चौड़ीकरण और नए ऑडिटोरियम की मांग
विधायक जयंत मलैया ने मेडिकल कॉलेज के साथ-साथ दमोह शहर के विकास से जुड़े दो अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों को भी मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया है। उन्होंने शहर में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने के उद्देश्य से सुभाष कॉलोनी से जबलपुर नाका और सीताबावड़ी से हटा नाका तक के मार्गों के चौड़ीकरण का आग्रह किया है।
इसके अतिरिक्त, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए शहर में एक आधुनिक 'गीता भवन' के निर्माण की मांग भी ज्ञापन में शामिल है। विधायक ने सतधरू, सीतानगर और पंचमनगर जैसी सिंचाई परियोजनाओं के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि किसानों की समृद्धि सीधे तौर पर जिले की अर्थव्यवस्था को मजबूत करती है। उन्होंने मुख्यमंत्री से इन सभी जनहितैषी एवं विकासोन्मुखी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने का अनुरोध किया है।
