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दमोह में राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस, निःशुल्क चिकित्सा शिविर में मिला परामर्श

दमोह के आयुष चिकित्सालय में 23 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित स्वास्थ्य शिविर में नागरिकों को निःशुल्क परामर्श...

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संवाददाता: अनिल राठौर
दमोह में राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस, निःशुल्क चिकित्सा शिविर में मिला परामर्श

दामोह | संवाददाता: अनिल राठौर

द क्लिफ न्यूज़ | दमोह | 23 सितंबर 2026

जिला मुख्यालय स्थित आयुष चिकित्सालय में बुधवार, 23 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के उपलक्ष्य में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आयुर्वेद के महत्व को जन-जन तक पहुंचाना, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना तथा रोगों से बचाव के प्रभावी आयुर्वेदिक उपायों पर चर्चा करना रहा। कार्यक्रम के दौरान आयोजित स्वास्थ्य शिविर में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया, जहाँ चिकित्सा विशेषज्ञों ने उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया और आवश्यक परामर्श प्रदान किया।

शिविर में जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क आयुर्वेदिक औषधियां भी वितरित की गईं। कार्यक्रम की शुरुआत जिला आयुष अधिकारी डॉ. राजकुमार पटेल और मुख्य वक्ता डॉ. एल.एन. वैष्णव द्वारा भगवान धन्वंतरि के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर की गई। इस अवसर पर सेवानिवृत्त डीएसपी महेंद्र जैन, रमेश ठाकुर, डॉ. बृजेश कुलपरिया, डॉ. अनंत राम पटेल और डॉ. प्रियंका जैन सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। आयुष विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिकों ने इस आयोजन में सक्रियता से भाग लिया।

आयुर्वेद दिवस का महत्व और नई तिथि

आयुष मंत्रालय के आँकड़ों के अनुसार, आयुर्वेद दिवस मनाने की शुरुआत वर्ष 2016 में हुई थी। पहले यह पर्व धनतेरस के दिन मनाया जाता रहा है, लेकिन भारत सरकार ने वर्ष 2025 से इस दिवस के लिए प्रतिवर्ष 23 सितंबर की तिथि को आधिकारिक रूप से अधिसूचित किया है। इस परिवर्तन का मुख्य लक्ष्य आयुर्वेद को जन-जन तक सुलभ बनाना और इसे जनसामान्य के लिए स्वस्थ जीवन का एक अनिवार्य आधार स्थापित करना है।

समग्र स्वास्थ्य पद्धति के रूप में आयुर्वेद

स्वास्थ्य शिविर में उपस्थित चिकित्सा विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि आयुर्वेद केवल बीमारियों के उपचार की एक पद्धति नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की एक समग्र, संतुलित और अनुशासित जीवनशैली को भी बढ़ावा देता है। उन्होंने स्वस्थ जीवनशैली, उचित आहार-विहार और रोगों से बचाव के उपायों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम में शामिल नागरिकों ने इस पहल की सराहना की और नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व को समझा। शिविर का समापन आयुर्वेद के सिद्धांतों को दैनिक जीवन में अपनाने के संकल्प के साथ हुआ। विभाग ने भविष्य में भी इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविरों के नियमित आयोजन की प्रतिबद्धता जताई है।