दमोह में कृमि नाशन अभियान शुरू, बच्चों को दी गई एल्बेंडाजोल दवा
दमोह में स्कूल, छात्रावासों और आंगनवाड़ी केंद्रों में कृमि नाशन अभियान चलाया जा रहा है। बच्चों को एल्बेंडाजोल दवा देकर उनके बेहतर स्वास्थ्य और विकास...

द क्लिफ न्यूज़ डेस्क | संवाददाता: अनिल राठौर
द क्लिफ न्यूज़ | दमोह | 6 अक्टूबर 2026
दमोह जिले में गुरुवार को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के तहत कृमि नाशन अभियान का औपचारिक शुभारंभ जेपीबी शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य एक से उन्नीस वर्ष तक के बच्चों को पेट के कृमि संक्रमण से बचाना है, जो उनके शारीरिक और मानसिक विकास के साथ-साथ पोषण स्तर को भी प्रभावित करते हैं।
अभियान का आगाज़ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राकेश राय, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रीता चटर्जी और सिविल सर्जन डॉ. प्रहलाद पटेल की उपस्थिति में हुआ। इन अधिकारियों ने स्वयं प्राथमिक कक्षाओं की छात्राओं को एल्बेंडाजोल की गोलियां खिलाकर बच्चों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया। जिला चिकित्सालय के टीकाकरण पार्लर में भी इस दवा का वितरण किया गया।
बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य पर जोर
डॉ. राकेश राय ने बताया कि पेट के कृमि बच्चों में एनीमिया (खून की कमी) का एक प्रमुख कारण हैं। कृमि नाशन दवा के नियमित सेवन से एनीमिया से बचाव होता है और बच्चों की सीखने की क्षमता में भी सुधार आता है, जिससे उनका समग्र विकास सुनिश्चित होता है। उन्होंने इस अभियान के माध्यम से बच्चों के बेहतर मानसिक और शारीरिक विकास पर बल दिया।
स्वच्छता और जागरूकता का महत्व
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रीता चटर्जी ने अभिभावकों और शिक्षकों से अपील की कि वे बच्चों को स्वच्छता के प्रति प्रेरित करें। उन्होंने बच्चों को नाखून छोटे रखने, साफ पानी पीने और शौचालय के इस्तेमाल के बाद साबुन से हाथ धोने जैसी आदतों को अपनाने की सलाह दी। डॉ. चटर्जी ने यह भी बताया कि दवा लेने के उपरांत यदि बच्चों को हल्की असहजता महसूस हो तो घबराने की आवश्यकता नहीं है।
वंचित बच्चों के लिए मॉप-अप दिवस
अधिकारियों ने सभी स्कूलों, छात्रावासों और आंगनवाड़ी केंद्रों के शिक्षकों से कहा कि वे अभिभावकों को अभियान के महत्व के बारे में जागरूक करें ताकि कोई भी बच्चा दवा लेने से वंचित न रह जाए। जो बच्चे किसी कारणवश नौ अक्टूबर को दवा नहीं ले पाए थे, उनके लिए नौ अक्टूबर को 'मॉप-अप दिवस' के रूप में विशेष व्यवस्था की गई है, जिस दिन उन्हें एल्बेंडाजोल की खुराक दी जाएगी। इस अभियान का लक्ष्य बच्चों को कृमि संक्रमण से सुरक्षित रखकर एक स्वस्थ जीवन प्रदान करना है, जिससे वे अपनी दैनिक गतिविधियों में पूरी ऊर्जा के साथ भाग ले सकें।
