दमोह जनसुनवाई: कलेक्टर ने सुनी 224 फरियादियों की समस्याएं, स्वास्थ्य जांच भी हुई
दमोह कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई में कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने 224 आवेदन सुने। साथ ही स्वास्थ्य परीक्षण शिविर और आधार अपडेशन की सुविधा भी...

द क्लिफ न्यूज़ डेस्क | संवाददाता: अनिल राठौर
द क्लिफ न्यूज़ | दमोह | 6 अक्टूबर 2026
दमोह जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट के कक्ष क्रमांक 10 में आयोजित जनसुनवाई में जिले के दूरदराज के क्षेत्रों से आए नागरिकों की विभिन्न समस्याओं का समाधान किया गया। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने स्वयं आवेदकों से भेंट कर उनकी शिकायतों को ध्यानपूर्वक सुना और संबंधित विभाग के अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।
इस जनसुनवाई के दौरान कुल 224 आवेदनों पर सुनवाई की गई। कलेक्टर यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे प्राप्त समस्याओं का निर्धारित समय-सीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित करें। प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य जिले के ग्रामीण और शहरी निवासियों को राहत पहुंचाना है, ताकि उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें।
स्वास्थ्य परीक्षण और आधार अपडेशन सुविधा
प्रशासनिक स्तर पर आयोजित इस विशेष जनसुनवाई में केवल शिकायतों का निपटारा ही नहीं किया गया, बल्कि जन-कल्याणकारी सुविधाओं का भी विस्तार किया गया। कार्यक्रम के दौरान 20 नागरिकों का आधार अपडेशन कार्य पूरा किया गया, जिससे उन्हें आवश्यक सरकारी सेवाओं के लिए सुविधा हुई। इसके अतिरिक्त, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक विशेष शिविर लगाकर 176 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और उन्हें आवश्यक परामर्श प्रदान किया। इस शिविर के माध्यम से नागरिकों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और सलाह मिली।
सामूहिक आवेदनों पर कार्रवाई का आश्वासन
जनसुनवाई के दौरान कुछ सामूहिक आवेदन भी प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपे गए, जिनमें एक से अधिक नागरिक प्रभावित थे। इन आवेदनों पर भी उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। उपस्थित अधिकारियों ने आवेदकों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण जनसुनवाई में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रवीण फुलपगारे, अपर कलेक्टर राकेश मोहन त्रिपाठी, डिप्टी कलेक्टर ब्रजेश सिंह और डिप्टी कलेक्टर संजय दुबे उपस्थित रहे। साथ ही लोकसेवा प्रबंधक चक्रेश पटेल सहित अन्य विभागीय अधिकारी भी मौजूद थे। सभी संबंधित विभागों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि वे लंबित प्रकरणों की निरंतर निगरानी करें और सभी आवेदकों के साथ सहानुभूतिपूर्वक व्यवहार करें।
