दमोह जनसुनवाई: 247 आवेदन सुने गए, कलेक्टर ने त्वरित निपटारे के दिए निर्देश
दमोह में कलेक्टर की जनसुनवाई में 247 आवेदन प्राप्त हुए। आधार अपडेशन और स्वास्थ्य परीक्षण भी किए गए। अधिकारियों को समय-सीमा में निराकरण के निर्देश...

द क्लिफ न्यूज़ डेस्क | संवाददाता: अनिल कुमार राठौर
द क्लिफ न्यूज़ | दमोह | 22 सितंबर 2026
दमोह जिले के कलेक्टर कार्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण जनसुनवाई में कुल 247 आवेदनों पर सुनवाई हुई। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने विभिन्न दूरदराज के क्षेत्रों से आए नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागीय अधिकारियों को इन सभी आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।
इस जनसुनवाई का मुख्य उद्देश्य आम जनता की शिकायतों और समस्याओं का प्रत्यक्ष रूप से समाधान करना रहा। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी आवेदन को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और प्राप्त शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करते हुए नागरिकों को राहत प्रदान की जाए।
जनसुनवाई में 247 आवेदन सुने गए
जनसुनवाई के दौरान नागरिकों ने भूमि विवाद, पेंशन संबंधी समस्याएं, राजस्व मामलों, तथा अन्य विभिन्न प्रशासनिक मुद्दों से जुड़े कुल 247 आवेदन प्रस्तुत किए। प्रत्येक आवेदन को ध्यानपूर्वक सुना गया और उसकी सत्यता व गंभीरता के आधार पर संबंधित विभागों को अग्रिम कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया।
नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ
जनसुनवाई शिविर के साथ-साथ नागरिकों की सुविधा के लिए अन्य सेवाएं भी उपलब्ध कराई गईं। इस दौरान 20 आधार अपडेशन के कार्य सफलतापूर्वक संपन्न किए गए। इसके अतिरिक्त, 165 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया, जिससे उन्हें स्वास्थ्य संबंधी परामर्श और आवश्यक जानकारी प्राप्त हुई। कई सामूहिक आवेदनों को भी इस अवसर पर प्रस्तुत किया गया, जो विभिन्न समुदायों की सामूहिक चिंताओं को दर्शाते थे।
अधिकारियों की उपस्थिति और आगे की कार्रवाई
इस जनसुनवाई में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रवीण फुलपगारे, अपर कलेक्टर राकेश मोहन त्रिपाठी, डिप्टी कलेक्टर ब्रजेश सिंह, डिप्टी कलेक्टर रानी अहिरवार और लोकसेवा प्रबंधक चक्रेश पटेल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन द्वारा सभी प्राप्त आवेदनों को विधिवत रूप से पंजीकृत किया गया है और प्रत्येक आवेदन को उसकी प्रकृति के अनुसार संबंधित विभाग को अग्रिम कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जनता को त्वरित और प्रभावी प्रशासनिक सहायता मिले।
