दमोह: 1500 छात्राओं को सड़क सुरक्षा का प्रशिक्षण, हादसों से बचाव का संकल्प
दमोह के एक कन्या विद्यालय में यातायात पुलिस ने 1500 छात्राओं को सड़क सुरक्षा नियमों, हेलमेट व सीट बेल्ट के महत्व और घायलों की मदद...

दमोह | संवाददाता: अनिल राठौर
द क्लिफ न्यूज़ | दमोह | 5 अक्टूबर 2026
मध्यप्रदेश के दमोह जिले में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में शासकीय ईएफए जेपीबी कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में एक वृहद कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें करीब 1500 छात्राओं को सड़क सुरक्षा के महत्वपूर्ण नियमों और जीवन रक्षक उपायों से अवगत कराया गया। यह आयोजन पुलिस परिवहन एवं शोध संस्थान भोपाल के निर्देशानुसार दस दिवसीय विशेष सड़क सुरक्षा अभियान का हिस्सा है।
कार्यक्रम का संचालन पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगि के मार्गदर्शन में हुआ। इस दौरान, यातायात थाना प्रभारी दलबीर सिंह मार्को ने छात्राओं को संबोधित करते हुए हेलमेट और सीट बेल्ट के उपयोग की अनिवार्यता पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये केवल यातायात नियमों का उल्लंघन रोकने के उपकरण नहीं, बल्कि जीवन को सुरक्षित रखने वाले अनमोल कवच हैं। दोपहिया वाहन चालकों के लिए आईएसआई मार्क वाले हेलमेट तथा चार पहिया वाहन में सीट बेल्ट का उपयोग अत्यंत आवश्यक है।
घायलों की मदद और 'गोल्डन आवर' का महत्व
कार्यशाला में छात्राओं को शासन की जनहितैषी योजनाओं की भी जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत डेढ़ लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार प्रदान किया जाता है। दुर्घटना के बाद के शुरुआती साठ मिनट, जिन्हें 'गोल्डन आवर' कहा जाता है, की महत्ता पर विशेष बल दिया गया। यह समझाया गया कि इस महत्वपूर्ण समय में घायल व्यक्ति को सही समय पर अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाई जा सकती है।
इसके अतिरिक्त, 'राह-वीर' योजना का भी उल्लेख किया गया, जिसके तहत सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद करने वाले नागरिकों को पुरस्कृत और प्रोत्साहित किया जाता है। इन योजनाओं का उद्देश्य न केवल प्रभावितों को तत्काल सहायता सुनिश्चित करना है, बल्कि समाज में एक जिम्मेदार नागरिक की भूमिका को भी बढ़ावा देना है।
जागरूकता और संकल्प
कार्यशाला के अंत में, विद्यालय के समस्त स्टाफ सदस्यों और उपस्थित छात्राओं ने यातायात नियमों का शत-प्रतिशत पालन करने तथा अपने परिजनों और समाज के अन्य सदस्यों को भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की शपथ ली। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं के व्यवहार में एक सकारात्मक बदलाव लाना तथा उन्हें सड़क पर सुरक्षित रहने के लिए प्रेरित करना था, ताकि सड़क हादसों में कमी लाई जा सके।
