छेड़छाड़ के बाद युवक की मौत, थाने के बाहर परिजनों का उग्र प्रदर्शन
शंकरपुरा गादिया गांव में छेड़छाड़ के आरोपों के बाद युवक की मौत से आक्रोशित परिजनों ने थाने के बाहर शव रखकर किया प्रदर्शन।

नरसिंहगढ़ | संवाददाता: महेंद्र शर्मा
द क्लिफ न्यूज़ | नरसिंहगढ़ | 2 नवंबर 2026
नरसिंहगढ़ से लगभग पांच किलोमीटर दूर स्थित ग्राम शंकरपुरा गादिया में 28 अक्टूबर की रात हुई एक मारपीट की घटना के बाद उपजे विवाद में घायल हुए 45 वर्षीय पप्पू कुशवाह की भोपाल में उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद, मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने आक्रोशित होकर नरसिंहगढ़ थाने का घेराव किया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत छेड़छाड़ के आरोपों से हुई थी। इस घटना के बाद, पप्पू कुशवाह ने कथित तौर पर जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था। उन्हें तत्काल नरसिंहगढ़ के स्थानीय अस्पताल में प्राथमिक उपचार के लिए ले जाया गया, लेकिन उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें भोपाल रेफर कर दिया गया। भोपाल में उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो जाने से परिजनों में गहरा दुख और आक्रोश फैल गया।
थाने का घेराव और प्रदर्शन
मृतक पप्पू कुशवाह के शव को लेकर उनके परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण नरसिंहगढ़ पुलिस थाने पहुंचे। उन्होंने थाने के मुख्य द्वार पर शव रखकर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए लगभग दो घंटे तक थाने का घेराव किया। इस दौरान, परिजनों ने पुलिस के प्रति अपना तीव्र विरोध दर्ज कराया और घटना में शामिल पांच आरोपियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए, नरसिंहगढ़ के साथ-साथ ब्यावरा, मलावर और कुरावर थानों से अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर बुलाया गया। एसडीओपी रामस्नेह चौहान, तहसीलदार अंनरिक कनोतिया और थाना प्रभारी गूजा सोलंकी ने घटनास्थल पर पहुंचकर आक्रोशित भीड़ को समझाने का प्रयास किया।
आश्वासन के बाद समाप्त हुआ प्रदर्शन
प्रशासनिक अधिकारियों ने परिजनों को धैर्य रखने और मामले में निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि घटना के संबंध में पांच लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया गया है और उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी। अधिकारियों द्वारा दिए गए ठोस आश्वासन के बाद, परिजन शांत हुए और शव को अपने साथ घर ले गए, जहां बाद में अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।
पुलिस प्रशासन ने गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की है और स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए है। प्रशासन इस घटनाक्रम के बाद से ही पूरी तरह सतर्क है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
