बमौरी में बिजली संकट: किसान परेशान, विधायक ने दी आंदोलन की चेतावनी
गुना के बमौरी विधानसभा क्षेत्र में रबी फसल की बुवाई के लिए पर्याप्त बिजली न मिलने से किसान परेशान हैं। विधायक ऋषि अग्रवाल ने विद्युत...

गुना | संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 2 नवंबर 2026
गुना जिले के बमौरी विधानसभा क्षेत्र में रबी फसल की बोवनी के महत्वपूर्ण समय में किसानों को अघोषित बिजली कटौती, कम वोल्टेज और ओवरलोड की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। सरकारी दावों के विपरीत, किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही है, जिससे उनकी बुवाई प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। धरातल पर किसानों को प्रतिदिन केवल तीन से चार घंटे ही बिजली उपलब्ध हो रही है, जो फसल की आवश्यकता के लिए अपर्याप्त है।
इस विकट परिस्थिति को देखते हुए, बमौरी के विधायक इंजीनियर ऋषि अग्रवाल ने मंगलवार को क्षेत्र के सैकड़ों किसानों के साथ गुना स्थित विद्युत वितरण कंपनी के उप महाप्रबंधक कार्यालय का घेराव किया। उन्होंने अधिकारियों के साथ सीधी वार्ता करते हुए किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। विधायक ने इस बात पर जोर दिया कि विद्युत कंपनी द्वारा विधानसभा क्षेत्र में दस घंटे बिजली देने का दावा खोखला साबित हो रहा है और वास्तविक स्थिति बहुत भिन्न है।
किसानों की प्रमुख मांगें और आश्वासन
विधायक ऋषि अग्रवाल ने विद्युत अधिकारियों से मांग की है कि किसानों को रबी फसलों की बोवनी के लिए कम से कम आठ घंटे नियमित और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने विशेष रूप से सुहाया, विशनवाड़ा, कपासी और भौंरा सब-स्टेशनों पर खराब विद्युत उपकरणों की तत्काल मरम्मत की आवश्यकता पर भी बल दिया, जो बिजली की आपूर्ति में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं।
विद्युत कंपनी के अधिकारियों ने किसानों और विधायक को आश्वासन दिया कि वर्तमान में लोड एडजस्टमेंट का कार्य प्रगति पर है और मंगलवार से पंप लाइनों के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। उन्होंने वादा किया कि किसानों को पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने की हर संभव कोशिश की जाएगी।
आंदोलन की चेतावनी, भविष्य अनिश्चित
हालांकि, विधायक ऋषि अग्रवाल ने विद्युत अधिकारियों के आश्वासनों पर सावधानी जताते हुए स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि मंगलवार तक वादे के मुताबिक निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई, तो वे किसानों के साथ मिलकर प्रदेशव्यापी उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। यह आंदोलन सरकार और विद्युत विभाग पर दबाव बनाने के उद्देश्य से किया जाएगा।
फिलहाल, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विद्युत विभाग द्वारा किए गए वादे कितने कारगर साबित होते हैं और क्या अगले कुछ दिनों में बमौरी के किसानों को बिजली संकट से राहत मिलती है, या फिर स्थिति जस की तस बनी रहती है, जिससे किसानों का आंदोलन और उग्र हो सकता है।
