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चांचौड़ा में हाइब्रिड मिर्च की आधुनिक खेती से किसान को लाखों की आय

चांचौड़ा के लालपुरिया गांव में ड्रिप और मल्चिंग तकनीक से हाइब्रिड मिर्च की खेती कर किसान महेश प्रजापति ने लाखों का मुनाफा कमाया है, जिससे...

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•संवाददाता: राजा हतम वेग
चांचौड़ा में हाइब्रिड मिर्च की आधुनिक खेती से किसान को लाखों की आय

चाचौड़ा | संवाददाता: राजा हतम वेग

द क्लिफ न्यूज़ | चांचौड़ा | 4 अक्टूबर 2026

मध्य प्रदेश के चांचौड़ा विकासखंड के ग्राम लालपुरिया में एक किसान ने आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर पारंपरिक खेती के तरीके से हटकर हाइब्रिड मिर्च की खेती में सफलता हासिल की है। किसान महेश प्रजापति ने लगभग एक एकड़ भूमि पर सिंजेंटा-285 हाइब्रिड मिर्च की फसल उगाई है, जिसमें ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग तकनीक का प्रयोग किया गया है। मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत कलेक्टर किशोर कन्याल ने इस अभिनव कृषि मॉडल का निरीक्षण कर इसकी सराहना की है।

किसान महेश प्रजापति के अनुसार, उन्होंने पारंपरिक सोयाबीन और मक्का की खेती छोड़कर एक जुलाई 2026 को मिर्च की रोपाई की थी। छह हजार पौधे 60 गुणा 45 सेंटीमीटर की दूरी पर लगाए गए हैं। इस पूरी प्रक्रिया में अब तक लगभग 30 हजार रुपये की लागत आई है, जिसमें खाद और अन्य उपकरण शामिल हैं। अनुमानित 160 क्विंटल उत्पादन से किसान को चार लाख रुपये तक का शुद्ध लाभ होने की उम्मीद है, जो पारंपरिक फसलों से होने वाली 30 से 40 हजार रुपये की आय की तुलना में कई गुना अधिक है।

आधुनिक तकनीक का दोहरा लाभ: उत्पादन वृद्धि और जल संरक्षण

ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग जैसी आधुनिक तकनीकों के उपयोग ने खरपतवार नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे श्रम लागत में कमी आई है। इसके साथ ही, पौधों को संतुलित मात्रा में नमी मिलने से उनके विकास में भी सहायता मिली है। कलेक्टर किशोर कन्याल ने इस सफल प्रयोग पर किसान महेश प्रजापति की प्रशंसा की और अन्य किसानों को भी उद्यानिकी फसलों तथा आधुनिक कृषि विधियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तकनीक के सही इस्तेमाल से न केवल उत्पादन बढ़ता है, बल्कि फसल की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार होता है।

इस अवसर पर एसडीएम अमित सोनी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे। किसान महेश प्रजापति भविष्य में इस उन्नत तकनीक के साथ-साथ सब्जियों के रकबे को भी बढ़ाने की योजना बना रहे हैं, जिससे उनकी आय में और वृद्धि हो सके। यह प्रयोग क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा स्रोत साबित हो रहा है।