भिंड: उचित मूल्य दुकान पर लाखों का राशन गायब, विक्रेता पर FIR
भिंड जिले की निवारी स्थित उचित मूल्य दुकान में करोड़ों का सरकारी राशन स्टॉक गायब मिला। कलेक्टर के निर्देश पर विक्रेता के खिलाफ आवश्यक वस्तु...

भिण्ड | संवाददाता: दीपेंद्र बौहरे
द क्लिफ न्यूज़ | 31 अक्टूबर 2026
मध्य प्रदेश के भिंड जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत संचालित एक सरकारी उचित मूल्य की दुकान पर लाखों रुपये के राशन स्टॉक में गंभीर गड़बड़ी का मामला सामने आया है। कलेक्टर पवन कुमार जैन के सख्त निर्देशों के बाद, अहरौलीघाट स्थित प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था द्वारा संचालित निवारी दुकान के विक्रेता वीरेंद्र सिंह यादव के खिलाफ थाना अटेर में आवश्यक वस्तु अधिनियम की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस कार्रवाई ने राशन वितरण प्रणाली में धांधली करने वालों के बीच हड़कंप मचा दिया है।
मामला तब प्रकाश में आया जब प्रशासनिक अधिकारियों की एक संयुक्त टीम ने 25 अक्टूबर को उक्त दुकान का औचक निरीक्षण किया। जांच दल में तहसीलदार राकेश कुमार इमले, सहकारिता विस्तार अधिकारी रवि पचौरिया, प्रदाय केंद्र प्रभारी सतीश शर्मा और कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी आर.बी.एस. तोमर शामिल थे। दल ने दुकान में मौजूद ई-पीओएस मशीन के आंकड़ों और भौतिक रूप से उपलब्ध स्टॉक का मिलान किया, जिसमें अनियमितताएं पाई गईं।
लाखों के राशन स्टॉक का अभाव
जांच रिपोर्ट के अनुसार, दुकान से कुल दो लाख चार हजार चार सौ बीस रुपये मूल्य की सामग्री गायब पाई गई। इसमें 3240 किलोग्राम गेहूं, 1811 किलोग्राम चावल, 134 पैकेट नमक और 6 किलोग्राम शक्कर शामिल है। इस बड़े पैमाने पर हुए नुकसान ने सरकारी राशन की उपलब्धता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह भी पाया गया कि दुकान पर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किए जाने वाले अनिवार्य सूचना पटल और स्टॉक सूची भी नदारद थी, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।
प्रशासन की सख्त कार्रवाई
कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी द्वारा 28 अक्टूबर को सौंपी गई विस्तृत रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए, कलेक्टर ने तत्काल कानूनी कार्यवाही के आदेश दिए। इसके अनुपालन में, 31 अक्टूबर को पुलिस ने दुकान विक्रेता वीरेंद्र सिंह यादव के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया है। प्रशासन का यह कदम यह दर्शाता है कि सरकारी राशन व्यवस्था में किसी भी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है, और जांच रिपोर्ट के आधार पर अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
