भिंड सीईओ ने गौशालाओं, स्वामित्व योजना और निर्माण कार्यों का किया औचक निरीक्षण
मुख्य कार्यपालन अधिकारी वीरसिंह चौहान ने भिंड के मेहगांव और गोहद क्षेत्रों का दौरा कर गौशालाओं, स्वामित्व योजना के तहत रजिस्ट्री कार्यों और निर्माणाधीन जनपद...

भिण्ड | संवाददाता: दीपेंद्र बौहरे
द क्लिफ न्यूज़ | 25 अक्टूबर 2026
मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) जिला पंचायत भिंड, वीरसिंह चौहान ने सोमवार को मेहगांव और गोहद क्षेत्रों में विभिन्न विकास कार्यों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय व्यवस्थाओं का जायजा लिया और गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। यह निरीक्षण ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति और उनकी गुणवत्ता परखी जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। सीईओ चौहान का यह प्रयास सुनिश्चित करने के लिए था कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार हों।
निरीक्षण के पहले चरण में, सीईओ चौहान छीमका और खनेता स्थित गौशालाओं में पहुंचे। उन्होंने वहां गोवंश की देखभाल, साफ-सफाई, भोजन व्यवस्था और समग्र संचालन की स्थिति का जमीनी आकलन किया। यह सुनिश्चित करना आवश्यक था कि संरक्षित किए जा रहे गोवंश को उचित आहार, स्वच्छ वातावरण और सुरक्षित आश्रय मिले। श्री चौहान ने गौवंश को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने और साफ-सफाई बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे दैनिक आधार पर गौशालाओं का निरीक्षण करें और किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर तत्काल सुधार करें।
स्वामित्व योजना की प्रगति पर समीक्षा
इसके उपरांत, सीईओ वीरसिंह चौहान ग्राम देवरी में स्वामित्व योजना के तहत किए जा रहे आवासीय संपत्ति के रजिस्ट्री कार्यों की प्रगति की समीक्षा के लिए पहुंचे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों को उनकी संपत्ति का कानूनी दस्तावेजीकरण कर स्वामित्व अधिकार प्रदान करना है, जिससे वे अपनी संपत्ति का सुरक्षित उपयोग कर सकें और बैंक ऋण आदि के लिए इसका उपयोग कर सकें। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कार्यों की गति और पूर्णता के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। सीईओ ने योजना के क्रियान्वयन में आ रही किसी भी समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण इस योजना का लाभ उठा सकें। उन्होंने जोर दिया कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता और शीघ्रता सुनिश्चित की जाए।
गुणवत्तापूर्ण निर्माण के कड़े निर्देश
निरीक्षण के अंतिम चरण में, सीईओ ने मेहगांव में निर्माणाधीन जनपद पंचायत भवन का जायजा लिया। यह भवन स्थानीय प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र होगा, इसलिए इसके निर्माण की गुणवत्ता सर्वोपरि है। उन्होंने निर्माण कार्य को निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप और तय समय-सीमा के भीतर पूरा करने पर जोर दिया। श्री चौहान ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जन-उपयोगी निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गुणवत्ता से समझौता करने वाले ठेकेदारों या अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी। उन्होंने प्रशासनिक अमले को निर्माण कार्यों की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि विकास कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ संपन्न हो सकें। यह सुनिश्चित करने के लिए कि निर्माण सामग्री निर्धारित गुणवत्ता की हो और कार्यप्रणाली में कोई खामी न रहे, उन्होंने साइट पर ही विस्तृत चर्चा की।
