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भिंड पुलिस ने अंतरराज्यीय एटीएम गिरोह का पर्दाफाश किया, 36 लाख का सामान जब्त

भिंड पुलिस ने एटीएम से धोखाधड़ी करने वाले तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 36 लाख रुपये का सामान, जिसमें एटीएम...

Few days ago
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•संवाददाता: दीपेंद्र बौहरे
भिंड पुलिस ने अंतरराज्यीय एटीएम गिरोह का पर्दाफाश किया, 36 लाख का सामान जब्त

भिण्ड | संवाददाता: दीपेंद्र बौहरे

द क्लिफ न्यूज़ | 4 अक्टूबर 2026

भिंड जिले की मेहगांव पुलिस ने एटीएम मशीनों में तकनीकी हेरफेर कर ग्राहकों की राशि हड़पने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह विशेष उपकरणों का उपयोग करके बैंक ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी को अंजाम देता था। पुलिस ने आरोपियों के पास से 36 लाख रुपये मूल्य का सामान बरामद किया है, जिसमें बड़ी संख्या में एटीएम कार्ड और एक लग्जरी कार शामिल है।

घटना का खुलासा तब हुआ जब एक फरियादी ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम से पैसे निकालने के प्रयास में धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, ट्रांजैक्शन सफल होने के बावजूद ग्राहक को नकदी प्राप्त नहीं हुई थी। इस शिकायत के बाद पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की सूचना के आधार पर गोरमी तिराहे के पास संदिग्ध अवस्था में घूम रहे तीन युवकों को पकड़ा।

आरोपियों की पहचान और आपराधिक इतिहास

पूछताछ के दौरान पकड़े गए युवकों ने अपनी पहचान सत्यार्थ मिश्रा निवासी अयोध्या, सत्यम सिंह परिहार निवासी कानपुर और अभिजीत सिंह निवासी हरदोई के रूप में बताई। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे वर्ष 2018 से इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। यह भी सामने आया है कि वे इससे पहले देहरादून और उधमसिंह नगर में भी इसी तरह के अपराधों में जेल जा चुके हैं।

धोखाधड़ी का शातिर तरीका

आरोपियों द्वारा अपनाई जाने वाली वारदात का तरीका अत्यंत शातिर और सुनियोजित था। वे एटीएम की कैश डिस्पैच विंडो पर एल्युमीनियम प्लेट और काले टेप का इस्तेमाल करते थे। जब कोई ग्राहक पैसे निकालने आता, तो मशीन से निकलने वाली नकदी एल्युमीनियम प्लेट में ही फंस जाती थी। ग्राहक के पैसे न निकलने पर भ्रमित होकर चले जाने के बाद, आरोपी प्लेट को हटाकर फंसी हुई नकदी आसानी से निकाल लेते थे। यह गिरोह गूगल मैप की मदद से हाईवे किनारे स्थित एटीएम को अपना निशाना बनाते थे।

अंतरराज्यीय नेटवर्क और भविष्य की योजनाएं

पूछताछ में यह भी पता चला है कि आरोपी नोएडा से आगरा, मुरैना और ग्वालियर होते हुए भिंड पहुंचे थे। उनकी योजना दक्षिण भारत तक जाकर धोखाधड़ी करने की थी, जिससे उनके अंतरराज्यीय नेटवर्क का अंदाजा लगाया जा सकता है।

बरामदगी और आगे की कार्रवाई

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सात एल्युमीनियम प्लेट, 94 विभिन्न बैंकों के एटीएम कार्ड, कैंची, मोबाइल फोन और एक टाटा हैरियर कार बरामद की है। जब्त की गई कुल संपत्ति का मूल्य 36 लाख रुपये आंका गया है। इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में थाना प्रभारी रविंद्र शर्मा, विवेक शर्मा और साइबर सेल की टीम ने सराहनीय भूमिका निभाई। आरोपियों के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य संभावित ठिकानों और नेटवर्क के सदस्यों की जांच में जुटी है।