भिंड में युवाओं को मिला सीपीआर प्रशिक्षण, जीवन रक्षा कौशल पर जोर
भिंड में एक निजी कोचिंग संस्थान में आयोजित विशेष सत्र में युवाओं को आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए कार्डियोपल्मोनरी रेसिटेशन (सीपीआर) तकनीक का व्यावहारिक...

भिण्ड | संवाददाता: दीपेंद्र बौहरे
द क्लिफ न्यूज़ | 4 अक्टूबर 2026
भिंड की हाउसिंग कॉलोनी स्थित एक निजी कोचिंग संस्थान में 'हम फाउण्डेशन' की केशवानंद शाखा द्वारा एक विशेष सीपीआर प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ जीवन रक्षक कौशल से लैस करना है, ताकि वे आपातकालीन परिस्थितियों में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं फाउण्डेशन के जिला संरक्षक डॉ. शैलेन्द्र परिहार ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ-साथ जीवन रक्षक तकनीकों का ज्ञान आज के युवाओं के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी गंभीर आपात स्थिति के शुरुआती क्षणों में दी गई प्राथमिक सहायता व्यक्ति के जीवन को बचा सकती है। डॉ. परिहार ने स्वयं सीपीआर तकनीक से जुड़ी महत्वपूर्ण गतिविधियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण देते हुए आपातकाल में संयम बनाए रखने के महत्व को समझाया।
जीवन रक्षक कौशल का महत्व
डॉ. परिहार के अनुसार, यदि समाज का प्रत्येक वर्ग सीपीआर जैसी जीवन रक्षक तकनीकों से परिचित हो, तो आवश्यकता पड़ने पर वे अपने आसपास के लोगों की मदद करने में पूरी तरह सक्षम होंगे। उन्होंने बताया कि यह प्रशिक्षण न केवल व्यक्तिगत कौशल विकास में सहायक है, बल्कि समाज के प्रति एक नागरिक के उत्तरदायित्व को भी पूरा करता है।
कार्यक्रम में उपस्थिति और भविष्य की योजना
इस प्रशिक्षण सत्र में 'हम फाउण्डेशन' के प्रांतीय उपाध्यक्ष शैलेश सक्सेना और केशवानंद शाखा के अध्यक्ष संतोष सिंह नरवरिया भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में आयुष सविता, दिव्यांश शर्मा और शिवम बघेल सहित कोचिंग संस्थान के अनेक छात्र-छात्राएं भी मौजूद थे। प्रशिक्षण सत्र के अंत में सभी प्रतिभागियों को आपातकालीन परिस्थितियों में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया। फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने भविष्य में भी ऐसे जन-जागरूकता कार्यक्रमों को जारी रखने का संकल्प दोहराया है, ताकि अधिक से अधिक लोगों को जीवन रक्षक कौशलों से अवगत कराया जा सके।
