भिंड में सुरक्षा संवाद संपन्न, 30 मेधावी छात्र सम्मानित
भिंड पुलिस कंट्रोल रूम में जन सुरक्षा और युवा सृजन संवाद अभियान के तहत 30 मेधावी छात्रों को उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

भिण्ड | संवाददाता: दीपेंद्र बौहरे
द क्लिफ न्यूज़ | 31 अक्टूबर 2026
राष्ट्रीय एकता दिवस और सरदार वल्लभ भाई पटेल की 151वीं जयंती के उपलक्ष्य में भिंड पुलिस कंट्रोल रूम में 'जन सुरक्षा और युवा सृजन संवाद अभियान' का समापन हुआ। इस अवसर पर एक गरिमामय समारोह में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार वर्मा ने अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने वाले 30 मेधावी छात्रों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। यह अभियान मध्य प्रदेश पुलिस की सामुदायिक पुलिसिंग शाखा और उच्च शिक्षा विभाग की एक संयुक्त पहल है, जिसका उद्देश्य युवाओं को सुरक्षा, कानून और नागरिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना है।
अभियान के तहत 23 और 24 अक्टूबर 2026 को एमजेएस पीजी महाविद्यालय में दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई थी। इस कार्यशाला में छात्रों ने विभिन्न सत्रों के माध्यम से सुरक्षा के महत्व, अपने संवैधानिक अधिकारों और समाज में उनकी भूमिका पर गहनता से विचार-विमर्श किया। प्रतिभागियों ने सुरक्षा संबंधी चुनौतियों और उनसे निपटने के उपायों पर रचनात्मक संवाद किया, जिससे उनके ज्ञान और जागरूकता में वृद्धि हुई। कार्यशाला के उपरांत, प्रतिभागियों को सिटी और देहात थानों का भ्रमण कराया गया, जहाँ उन्हें पुलिस की कार्यप्रणाली, डायल-112 सेवा और नए भारतीय कानूनों के बारे में व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया गया। इस भ्रमण का उद्देश्य युवाओं को जमीनी स्तर पर पुलिसिंग की बारीकियों से अवगत कराना और उनके मन से पुलिस के प्रति किसी भी प्रकार के संशय को दूर करना था।
पुलिस-युवा समन्वय को बढ़ावा
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार वर्मा ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम न केवल एक सम्मान समारोह है, बल्कि यह युवाओं और पुलिस के बीच एक सेतु का भी काम करता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह पहल महिला एवं बाल सुरक्षा, साइबर फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट और ई-एफआईआर जैसे आधुनिक विषयों को समझने में अत्यंत सहायक है, जो आज के डिजिटल युग में प्रत्येक नागरिक के लिए महत्वपूर्ण हैं। वर्मा ने इस संवाद को युवाओं में जिम्मेदार नागरिकता का बोध विकसित करने का एक सशक्त माध्यम बताया, जो उन्हें समाज के प्रति अधिक संवेदनशील और सक्रिय बनाता है।
उन्होंने आगे कहा कि इस तरह के संवाद भविष्य में भी जारी रहेंगे ताकि युवा पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदार बनाया जा सके। उनका मानना है कि युवाओं की ऊर्जा और नवाचार का सही दिशा में उपयोग करके समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है। यह अभियान इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो युवाओं को नेतृत्व क्षमता विकसित करने और सामुदायिक समस्याओं के समाधान में योगदान देने के लिए प्रेरित करता है।
इस सम्मान समारोह में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदीप पटेल, डीएसपी अजय कुमार सिंह पंवार, सीएसपी निरंजन राजपूत, एसडीओपी रविन्द्र वास्कले, प्राचार्य डॉ. सुनील त्रिपाठी, डॉ. रविकांत सिंह, डॉ. सुधा नरवरिया, डॉ. मोहित दुबे सहित शिक्षा विभाग के कई प्राध्यापक और पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। इस पहल से पुलिस और युवाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है, जो एक सुरक्षित और जागरूक समाज के निर्माण की ओर अग्रसर है। यह कार्यक्रम पुलिस और आम नागरिकों के बीच विश्वास और सहयोग को मजबूत करने में सहायक सिद्ध होगा।
