भिंड में 'सेवा सेतु' अभियान शुरू: अब घर बैठे होंगे सरकारी काम
भिंड नगर पालिका ने 'सेवा सेतु' अभियान के तहत 'सरकार आपके द्वार' कार्यक्रम शुरू किया है। इसका उद्देश्य आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान और...

भिण्ड | संवाददाता: दीपेंद्र बौहरे
द क्लिफ न्यूज़ | 4 अक्टूबर 2026
मध्य प्रदेश के भिंड शहर में आम नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 'सेवा सेतु' अभियान के तहत 'सरकार आपके द्वार' कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ किया गया है। इस महत्वाकांक्षी पहल का मुख्य लक्ष्य सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही के सिद्धांतों को जनमानस के बीच स्थापित करना है। इस अभियान के माध्यम से सरकारी अमला स्वयं नागरिकों के द्वार तक पहुंचकर उनकी विभिन्न समस्याओं का निराकरण करेगा, जिससे उन्हें शासकीय कार्यालयों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी।
अभियान के शुभारंभ अवसर पर क्षेत्रीय सांसद संध्या राय, जिला कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी वीरसिंह चौहान, अनुविभागीय दंडाधिकारी महेन्द्र सिंह सौजन्या, नगर पालिका अध्यक्ष और मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) वीरेंद्र चक्रवर्ती सहित नगर पालिका के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने संयुक्त रूप से नागरिकों को यह आश्वासन दिया कि अब छोटे-बड़े कार्यों के लिए परेशान होने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि पूरा प्रशासनिक अमला स्वयं उनके द्वार तक पहुंचकर समाधान करेगा।
जनता को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाने पर जोर
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सांसद संध्या राय ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार का मूल मंत्र सुशासन और अंत्योदय है। उन्होंने रेखांकित किया कि 'सेवा सेतु' अभियान के जरिए सरकार और प्रशासन स्वयं चलकर नागरिकों के द्वार तक आ रहे हैं। उनका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि समाज की अंतिम पंक्ति में बैठे अंतिम व्यक्ति तक भी शासकीय योजनाओं का पूरा लाभ बिना किसी बाधा के पहुंचे। सांसद राय ने विश्वास व्यक्त किया कि यह अभियान जन-जन के विश्वास को और अधिक मजबूत करने में सहायक सिद्ध होगा।
जिला कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा ने प्रशासनिक प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि आमजन की समस्याओं का त्वरित और पारदर्शी समाधान शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सुशासन का वास्तविक अर्थ यही है कि आम नागरिक को अपनी जायज समस्याओं के समाधान के लिए परेशान न होना पड़े। कलेक्टर मीणा ने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे संवेदनशीलता और पूर्ण जवाबदेही के साथ कार्य करें, जिसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रशासनिक समन्वय और समस्याओं का ऑन-स्पॉट निराकरण
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी वीरसिंह चौहान ने इस पहल को जनता और प्रशासन के बीच की दूरी को समाप्त करने का एक सशक्त माध्यम बताया। उन्होंने इसे एक पारदर्शी और सुलभ व्यवस्था की स्थापना की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम करार दिया। भिंड के अनुविभागीय दंडाधिकारी महेन्द्र सिंह सौजन्या ने प्रशासनिक समन्वय के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि आम जनता की शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जा रहा है और सभी संबंधित विभागों के अधिकारी मौके पर ही समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
नगर पालिका अध्यक्ष ने शहरवासियों को आश्वस्त किया कि नगर पालिका परिषद उनकी मूलभूत सुविधाओं के लिए सदैव तत्पर है। उन्होंने बताया कि इस अभियान से वार्डवासियों को नामांतरण, पेंशन, राशन कार्ड, स्वच्छता और पेयजल जैसी विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं रहेगी।
विस्तृत कार्ययोजना और स्थानीय निवासियों में उत्साह
नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी वीरेंद्र चक्रवर्ती ने अभियान की विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि नगर पालिका की पूरी टीम और समस्त अधिकारी विभिन्न वार्डों में पहुंचकर शिविर लगा रहे हैं। इन शिविरों में सफाई, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, नामांतरण, पेंशन, राशन कार्ड और निर्माण संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए विशेष काउंटर स्थापित किए गए हैं। सीएमओ चक्रवर्ती ने इस बात पर जोर दिया कि सुशासन और पूर्ण जवाबदेही के साथ आवेदनों का ऑन-द-स्पॉट (मौके पर ही) निराकरण किया जा रहा है।
प्रशासनिक अमले की इस सक्रियता और तत्परता से स्थानीय निवासियों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। उन्हें उम्मीद है कि अब उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी दफ्तरों के लंबे इंतजार से मुक्ति मिलेगी। भिंड प्रशासन की यह पहल भविष्य में अन्य क्षेत्रों के लिए भी एक अनुकरणीय मॉडल के रूप में स्थापित हो सकती है, जो सरकारी सेवाओं को नागरिकों के करीब लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
