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बरेली: फर्जी फर्म से ₹1.25 करोड़ के जीएसटी गबन का आरोपी गिरफ्तार

बरेली में एसआईटी-जीएसटी और थाना शाही पुलिस ने फर्जी फर्म के जरिए 1.25 करोड़ रुपये के राजस्व अपवंचन मामले में लक्ष्मीनारायण को गिरफ्तार किया है।...

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•संवाददाता: इज़हार आलम
बरेली: फर्जी फर्म से ₹1.25 करोड़ के जीएसटी गबन का आरोपी गिरफ्तार

बरेली उत्तर प्रदेश | संवाददाता: इज़हार आलम

द क्लिफ न्यूज़ | बरेली | 26 सितंबर 2026

बरेली की विशेष अन्वेषण दल (एसआईटी)-जीएसटी और थाना शाही पुलिस की संयुक्त टीम ने सरकारी राजस्व की चोरी और फर्जी तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) लाभ प्राप्त करने के मामले में एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए व्यक्ति की पहचान ग्राम दिनुक निवासी 40 वर्षीय लक्ष्मीनारायण के रूप में की है। यह गिरफ्तारी 25 सितंबर 2026 की शाम करीब 4:30 बजे थाना कैंट क्षेत्र से हुई।

जांच के दौरान, वर्ष 2024-25 में 67.44 लाख रुपये और वर्ष 2025-26 में 57.92 लाख रुपये के राजस्व अपवंचन का मामला सामने आया है, जिसका कुल योग लगभग 1.25 करोड़ रुपये है। यह घोटाला फर्जी फर्मों के माध्यम से सरकारी खजाने को चूना लगाने का एक सुनियोजित प्रयास प्रतीत होता है।

फर्जी फर्म के पंजीकरण में आरोपी की भूमिका

पूछताछ में आरोपी लक्ष्मीनारायण ने स्वीकार किया कि उसने अशद मियां के साथ मिलकर अपनी आरा मशीन वाली जमीन पर 'एबीआर ट्रेडर्स' नामक एक फर्जी फर्म पंजीकृत कराई थी। इस कार्य के बदले उसे 70 हजार रुपये नकद और कुछ राशि यूपीआई के माध्यम से प्राप्त हुई थी। आरोपी ने फर्म के पंजीकरण के लिए अपनी दुकान के पते और बिजली बिल का उपयोग करने की अनुमति दी थी। फर्म का बोर्ड लगाकर उसका पंजीकरण कराया गया और फिर फर्जी बिलों के आधार पर आईटीसी का दावा किया गया, जिससे सरकारी राजस्व को गंभीर नुकसान पहुंचा।

रामपुर से संचालित हो रहा था नेटवर्क

पुलिस के अनुसार, इस पूरे फर्जीवाड़े का नेटवर्क रामपुर से कंप्यूटर के माध्यम से संचालित किया जा रहा था। इससे यह स्पष्ट होता है कि यह सिर्फ एक व्यक्ति का काम नहीं, बल्कि एक संगठित गिरोह द्वारा अंजाम दिया गया है, जो डिजिटल माध्यमों का दुरुपयोग कर रहा था। यह रैकेट टैक्स प्रणाली की कमजोरियों का फायदा उठाने में माहिर था।

कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में हुई इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में थाना कैंट के निरीक्षक संजय कुमार धीर और उनकी टीम ने सक्रिय भूमिका निभाई। गिरफ्तार लक्ष्मीनारायण के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं 318(4), 338, 336(3), 340(2), 316(5) और 61(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी के बाद, लक्ष्मीनारायण को अग्रिम कानूनी कार्रवाई के लिए न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। पुलिस इस मामले में शामिल अन्य संदिग्धों की तलाश जारी रखे हुए है, ताकि पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ किया जा सके और संबंधित सभी दोषियों को कानून के कठघरे में लाया जा सके।