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बरेली: पत्रकार अमल सैनी पर ब्लैकमेलिंग और वसूली के चार मुकदमे दर्ज

बरेली में पत्रकार व यू-ट्यूबर अमल सैनी की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। यातायात पुलिसकर्मियों और कलेक्ट्रेट स्टेनोग्राफर के बाद अब तक चार अलग-अलग मामलों...

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•संवाददाता: इज़हार आलम
बरेली: पत्रकार अमल सैनी पर ब्लैकमेलिंग और वसूली के चार मुकदमे दर्ज

बरेली उत्तर प्रदेश | संवाददाता: इज़हार आलम

द क्लिफ न्यूज़ | बरेली | 27 सितंबर 2026

बरेली में कथित पत्रकार और यू-ट्यूबर अमल सैनी की मुश्किलें इन दिनों लगातार बढ़ रही हैं। यातायात पुलिस में तैनात टीएसआई जसपाल सिंह की तहरीर पर पुलिस ने अमल सैनी और उसके अज्ञात साथियों के खिलाफ एक और मुकदमा दर्ज किया है। यह आरोप है कि आरोपित खुद को यू-ट्यूबर बताकर पुलिसकर्मियों के ड्यूटी पॉइंट्स पर पहुंचते थे और उनसे प्रतिमाह अवैध वसूली की मांग करते थे। शिकायत में कहा गया है कि पैसे न मिलने पर पुलिसकर्मियों के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट प्रसारित कर उन्हें ब्लैकमेल किया जाता था। यह घटना पुलिस विभाग के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है, क्योंकि यह उनकी पेशेवर छवि और कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती है।

टीएसआई जसपाल सिंह ने अपनी शिकायत में विस्तार से बताया कि यातायात व्यवस्था बनाए रखने में जुटे पुलिसकर्मियों को आरोपितों द्वारा जानबूझकर परेशान किया जा रहा था। आरोप है कि अमल सैनी ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) तकनीक का उपयोग करते हुए पुलिसकर्मियों की कूटरचित तस्वीरें बनाईं और उन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर प्रसारित कर दिया। इन भ्रामक पोस्ट के माध्यम से पुलिस की छवि धूमिल करने और ड्यूटी में बाधा उत्पन्न करने का प्रयास किया गया। एआई-जनित सामग्री का दुरुपयोग समाज में गलत सूचना फैलाने और व्यक्तियों को बदनाम करने के एक नए और खतरनाक आयाम को उजागर करता है, जिस पर पुलिस विशेष ध्यान दे रही है।

कलेक्ट्रेट कर्मी से वसूली का मामला

इससे पहले, कलेक्ट्रेट के स्टेनोग्राफर संजीव कश्यप की शिकायत पर भी अमल सैनी और उसके साथियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। संजीव कश्यप के अनुसार, 22 सितंबर को आरोपितों ने उनके कार्यालय पहुंचकर एक प्रमाण पत्र संबंधी जानकारी मांगी और इसी दौरान वहां मौजूद कर्मचारी का वीडियो बना लिया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि वीडियो के बदले 15 हजार रुपये की मांग की गई और रुपये न देने पर उसे सार्वजनिक करने की धमकी दी गई। कथित तौर पर, 10 हजार रुपये का भुगतान करने के बाद ही आरोपितों ने सोशल मीडिया से वह वीडियो हटाया। इस मामले में पुलिस अमल सैनी के अन्य सहयोगियों की भूमिका की गहन जांच कर रही है, यह पता लगाने के लिए कि क्या इस तरह की वसूली के पीछे कोई संगठित गिरोह काम कर रहा है।

आत्मदाह के लिए उकसाने के आरोप में जेल

अमल सैनी की आपराधिक गतिविधियों का दायरा केवल ब्लैकमेलिंग और वसूली तक ही सीमित नहीं रहा है। उस पर सीबीगंज क्षेत्र की एक महिला को आत्मदाह के लिए उकसाने का भी एक गंभीर आरोप है। इस मामले में कोतवाली पुलिस ने अमल सैनी और उसके साथी शोएब को पूर्व में गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था, जिसके बाद दोनों को जेल भेज दिया गया था। पुलिस के अनुसार, आरोपितों के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया हैंडल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को कब्जे में लेकर उनकी विस्तृत जांच की जा रही है। यह मामला महिला सुरक्षा और उत्पीड़न के गंभीर मुद्दों को रेखांकित करता है, जिस पर कानून के सख्त कार्रवाई की उम्मीद है।

अन्य पीड़ितों की शिकायतें और जांच का दायरा

सूत्रों के अनुसार, पुलिस के पास अब तक कई अन्य पीड़ितों की शिकायतें भी पहुंची हैं, जिनमें अस्पतालों से जुड़े लोगों से भी वसूली के दावे किए गए हैं। इन शिकायतों से पता चलता है कि अमल सैनी और उसके साथियों का आपराधिक जाल काफी व्यापक हो सकता है, और वे विभिन्न क्षेत्रों के कमजोर लोगों को निशाना बना रहे थे। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन सभी मामलों में ठोस साक्ष्यों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस की वर्तमान जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि इन कूटरचित सामग्रियों को तैयार करने और प्रसारित करने के पीछे कौन-कौन से अन्य लोग शामिल हैं, और क्या यह किसी बड़े रैकेट का हिस्सा है। फिलहाल, दर्ज किए गए चार मुकदमों के आधार पर पुलिस विभाग अपनी जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहा है और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से दोषियों के विरुद्ध सख्त कदम उठाने का दावा कर रहा है। अमल सैनी पर लगे सभी आरोप शिकायतों और पुलिस रिपोर्ट के आधार पर हैं, जिनकी अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी। पुलिस नागरिकों से अपील कर रही है कि वे किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि या ब्लैकमेलिंग की सूचना तत्काल पुलिस को दें ताकि ऐसे अपराधियों पर नकेल कसी जा सके।