BREAKING
Revolutionary climate technology breakthrough announced • Championship finals draw record 150M+ viewers • Global markets surge following policy changes • New discovery in quantum computing promises faster processors
The Cliff News
National

बरेली: बिजली कटौती और जली केबलों से दिवना के ग्रामीण परेशान, सौंपा ज्ञापन

बरेली के ग्राम दिवना के निवासी अघोषित बिजली कटौती और जली केबलों से जूझ रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने विभाग को ज्ञापन सौंपकर...

Few hours ago
3 मिनट में पढ़ें
संवाददाता: इज़हार आलम
बरेली: बिजली कटौती और जली केबलों से दिवना के ग्रामीण परेशान, सौंपा ज्ञापन

बरेली उत्तर प्रदेश | संवाददाता: इज़हार आलम

द क्लिफ न्यूज़ | 21 सितंबर 2026

बरेली जिले के ग्राम दिवना के निवासी पिछले काफी समय से अघोषित बिजली कटौती और क्षतिग्रस्त केबलों की समस्या से गंभीर रूप से परेशान हैं। इस विद्युत संकट के समाधान की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के पदाधिकारियों ने सोमवार को मीरगंज स्थित बिजली घर पर विद्युत विभाग के जेई (जूनियर इंजीनियर) से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर विभाग को आगाह किया है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।

भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के रोहिलखंड उपाध्यक्ष ठाकुर राजन सिंह ने जेई साबिर खान को गांव की स्थिति से अवगत कराते हुए बताया कि ग्राम दिवना में बिजली की आपूर्ति दिन-रात अनिश्चित रूप से बाधित रहती है। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर बिजली केबल जल जाने के कारण आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, जिससे ग्रामीणों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। यह अघोषित कटौती उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी समस्या बन गई है, क्योंकि इससे उनके दैनिक कामकाज, बच्चों की पढ़ाई और अन्य आवश्यक गतिविधियों में व्यवधान आ रहा है।

क्षतिग्रस्त केबलों को बदलने और सुचारु विद्युत आपूर्ति की मांग

ठाकुर राजन सिंह ने विद्युत विभाग से मांग की है कि जली हुई और क्षतिग्रस्त केबलों को तुरंत बदला जाए तथा गांव में बिजली आपूर्ति को सुचारु रूप से बहाल किया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि बिजली जैसी मूलभूत सुविधा का इस तरह बाधित होना ग्रामीणों के दैनिक जीवन को प्रभावित कर रहा है और तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता है। किसानों का कहना है कि सिंचाई के लिए बिजली की आवश्यकता होती है, और ऐसे में कटौती से उनकी फसलें भी प्रभावित हो सकती हैं।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण ही ये केबल क्षतिग्रस्त हुए हैं, और अब यह जिम्मेदारी विभाग की है कि वह इन समस्याओं का त्वरित निवारण करे। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग द्वारा समय पर रखरखाव नहीं किया जाता, जिसके कारण ऐसे हालात पैदा होते हैं। उन्होंने जेई से कहा कि गांव की विद्युत व्यवस्था को लेकर कई बार शिकायतें की गई हैं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

इस मुलाकात के दौरान भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के कई अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे। इनमें फुरकान खान, इमरान खान, ठाकुर राजेंद्र सिंह, डॉक्टर मुदित प्रताप सिंह, समर अली, सत्यवीर गंगवार, अर्स पठान, फाजिल भाई, राजेंद्र सिंह, नरेश सिंह और प्रमोद शामिल थे। महिला कार्यकर्ताओं में श्रीमती सुनीता देवी, श्रीमती कंचन सिंह और श्रीमती आशा देवी भी मौजूद रहीं। सभी उपस्थित लोगों ने बिजली की समस्या के शीघ्र समाधान की अपेक्षा व्यक्त की है। उन्होंने अल्टीमेटम दिया है कि यदि सात दिनों के भीतर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे।