बलरामपुर: सीएमओ ने फत्तेजोत में स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया, नेत्र शिविर के निर्देश
बलरामपुर के फत्तेजोत गांव में सीएमओ डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने ग्रामीणों से स्वास्थ्य सेवाओं का फीडबैक लिया और 30 सितंबर को नेत्र परीक्षण शिविर...

बलरामपुर उत्तर प्रदेश | संवाददाता: अनिरुद्ध शुक्ल
द क्लिफ न्यूज़ | 29 सितंबर 2026
बलरामपुर जनपद के सदर विकासखंड स्थित फत्तेजोत गांव में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने मंगलवार को स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत को परखा। उन्होंने औचक निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित कर स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रदान की जा रही सुविधाओं के संबंध में उनका फीडबैक जाना। इस संवाद के दौरान, ग्रामीणों ने विशेष रूप से आंखों से संबंधित समस्याओं और मोतियाबिंद की व्याधि को प्रमुखता से उठाया।
ग्रामीणों की इन गंभीर शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए, स्वयं एक नेत्र रोग विशेषज्ञ भी रहे डॉ. रस्तोगी ने तत्काल कार्यवाही का निर्देश दिया। उन्होंने आगामी 30 सितंबर को ग्राम पंचायत फत्तेजोत में एक विशेष स्वास्थ्य शिविर के आयोजन का आदेश जारी किया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों के नेत्र परीक्षण करना और आवश्यक उपचार प्रदान करना होगा।
नेत्र शिविर और उपचार की व्यवस्था
इस नेत्र परीक्षण शिविर के आयोजन की जिम्मेदारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बलरामपुर के प्रभारी डॉ. जावेद अख्तर को सौंपी गई है। उन्हें निर्देशित किया गया है कि वे शिविर में नेत्र परीक्षण हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। यदि किसी ग्रामीण में मोतियाबिंद या किसी अन्य गंभीर नेत्र रोग की पहचान होती है, तो उसे तत्काल उच्च स्वास्थ्य केंद्रों पर रेफर करने और त्वरित उपचार की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
जलभराव क्षेत्रों का निरीक्षण और मौसमी बीमारियों की रोकथाम
अपने निरीक्षण के क्रम में, मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने गांव के उन इलाकों का भी बारीकी से जायजा लिया जहाँ जलभराव की समस्या बनी हुई थी। उन्होंने वहाँ रहने वाले निवासियों को स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों के प्रति जागरूक किया और उन्हें आवश्यक दवाइयों की किट भी वितरित की। सीएमओ ने उपस्थित स्वास्थ्य कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाए ताकि मौसमी और जलजनित बीमारियों के संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
डॉ. रस्तोगी ने इस अवसर पर कहा कि ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और सुलभ बनाने के लिए स्थानीय निवासियों के साथ नियमित संवाद अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्राप्त फीडबैक के आधार पर विभाग भविष्य में भी त्वरित और आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करेगा। इस निरीक्षण कार्यक्रम में जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्र, अन्य विभागीय कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे। प्रशासन का यह कदम ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों से किसी भी बीमारी के लक्षण दिखने पर तत्काल अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की अपील की है।
