बलरामपुर: रंजीत सैनी की संदिग्ध मौत पर निष्पक्ष जांच की मांग
बलरामपुर के तुलसीपुर में ट्रक का पहिया खोलने के आरोप में बुलाए गए रंजीत सैनी की संदिग्ध मौत के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने...

बलरामपुर उत्तर प्रदेश | संवाददाता: अनिरुद्ध प्रताप शुक्ल
द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 26 अक्टूबर 2026
उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में एक युवक, रंजीत सैनी, की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु के मामले ने स्थानीय समुदाय में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है। तुलसीपुर के सेखुईंया कला गांव निवासी रंजीत सैनी को थाना कोतवाली तुलसीपुर द्वारा ट्रक का पहिया खोलने के आरोप में बुलाया गया था। आरोप है कि थाने में उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से घर भेजने के बाद उनकी स्थिति गंभीर हो गई और अस्पताल ले जाते समय उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद, जिला उद्योग व्यापार मंडल के सदस्यों ने उप जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की गहन और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
घटना के वायरल हुए एक वीडियो में रंजीत सैनी को दर्द से कराहते और जान बचाने की गुहार लगाते हुए देखा जा सकता है। यह वीडियो स्थानीय लोगों के बीच चिंता और आक्रोश का कारण बना हुआ है। परिजनों और व्यापार मंडल का आरोप है कि थाना कोतवाली तुलसीपुर और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, तुलसीपुर, की कार्यप्रणाली में गंभीर खामियां थीं, जिसके कारण रंजीत को समय पर समुचित उपचार नहीं मिल सका। यह घटना कानून व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगाती है, जिससे जनता में भय और असुरक्षा का माहौल व्याप्त हो रहा है।
थाना और अस्पताल की भूमिका पर गंभीर सवाल
जिला उद्योग व्यापार मंडल के महामंत्री दिलीप कुमार गुप्ता के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए उप जिलाधिकारी तुलसीपुर को ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में रंजीत सैनी को थाने बुलाने की कानूनी प्रक्रिया, थाने में उनकी तबीयत बिगड़ने की परिस्थितियों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्हें दिए गए उपचार और उन्हें घर भेजे जाने के निर्णय की स्वतंत्र जांच की मांग की गई है। ज्ञापन में यह भी आग्रह किया गया है कि जांच के दौरान प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, चिकित्सकीय अभिलेखों और उपलब्ध वीडियो साक्ष्यों को आधार बनाया जाए ताकि सत्यता सामने आ सके।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रंजीत सैनी को थाने में ट्रक का पहिया खोलने के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। आरोप है कि थाने में ही उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई। उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, तुलसीपुर, ले जाया गया। वायरल वीडियो में रंजीत सैनी को स्पष्ट रूप से दर्द से तड़पते और मदद की गुहार लगाते देखा जा सकता है। यह वीडियो इस बात की ओर इशारा करता है कि उस समय उनकी स्थिति काफी गंभीर थी। हालांकि, अस्पताल से उन्हें घर भेज दिया गया, जो कि परिजनों और व्यापार मंडल के लिए चिंता का विषय है। घर लौटने के बाद उनकी हालत और बिगड़ गई, और दोबारा अस्पताल ले जाते समय उन्होंने दम तोड़ दिया। यह पूरी घटना त्वरित और प्रभावी चिकित्सा सहायता की कमी को दर्शाती है।
इस मामले में दो पुलिसकर्मियों के निलंबन की प्रारंभिक सूचना है, जो एक कदम है, लेकिन व्यापार मंडल का मानना है कि यह पर्याप्त नहीं है। दिलीप कुमार गुप्ता ने इस बात पर जोर दिया कि यह घटना केवल एक व्यक्ति की मृत्यु का मामला नहीं है, बल्कि यह नागरिकों की सुरक्षा, उनके मौलिक अधिकारों और शासन-प्रशासन के प्रति जनता के विश्वास का सवाल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही, कोताही या अनियमितता साबित होती है, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर से कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। उनकी मांग है कि जांच केवल सतही न हो, बल्कि गहराई से हो और इसमें शामिल सभी पक्षों की जवाबदेही तय की जाए।
न्याय और जवाबदेही की मांग
ज्ञापन में स्पष्ट रूप से मांग की गई है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच एक निश्चित समय-सीमा के भीतर पूरी की जाए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पीड़ित परिवार को न्याय मिले और भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। व्यापार मंडल ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निवारक उपाय किए जाएं, जिसमें पुलिसकर्मियों और स्वास्थ्य कर्मियों का उचित प्रशिक्षण, प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन और संवेदनशील व्यवहार शामिल हो।
ज्ञापन सौंपने के इस महत्वपूर्ण अवसर पर जिला उद्योग व्यापार मंडल के महामंत्री दिलीप कुमार गुप्ता के साथ श्याम बिहारी, रूपचंद्र, प्रदीप कुमार, राधेश्याम चौरसिया, ओम प्रकाश, राम दयाल सोनी और उदय अग्रहरि सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। उनकी उपस्थिति ने इस मांग को और अधिक बल प्रदान किया। प्रशासन ने ज्ञापन को गंभीरता से लिया है और उप जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया है कि मामले की जांच की जाएगी और उचित कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय स्तर पर इस घटना को लेकर जनता में गहरा रोष और असंतोष व्याप्त है। लोग इस बात पर अड़े हैं कि इस पूरे प्रकरण में दोषियों की पहचान हो और उन्हें सजा मिले। जनता की अपेक्षा है कि शासन-प्रशासन मामले की संवेदनशीलता को समझेगा और एक पारदर्शी, निष्पक्ष तथा त्वरित जांच प्रक्रिया सुनिश्चित करेगा। यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि इस घटना से लोगों का न्याय व्यवस्था और सरकारी तंत्र में विश्वास बना रहे। इस मामले की अंतिम रिपोर्ट और की गई कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी होंगी, क्योंकि यह न केवल रंजीत सैनी के परिवार के लिए, बल्कि बलरामपुर के आम नागरिकों के लिए भी न्याय की लड़ाई है।
