बलरामपुर: नौ साल से बंद सामुदायिक शौचालय, ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ीं
बलरामपुर के ग्राम पंचायत पूरेछीटन में लाखों की लागत से बना सामुदायिक शौचालय नौ वर्षों से बंद है। ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाओं के अभाव में...

बलरामपुर उत्तर प्रदेश | संवाददाता: अनिरुद्ध प्रताप शुक्ल
द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 5 नवंबर 2026
उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जनपद के विकासखंड तुलसीपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत पूरेछीटन में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। लाखों रुपये की लागत से निर्मित एक सामुदायिक शौचालय पिछले नौ वर्षों से बंद पड़ा है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों को दैनिक जीवन में गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इस सुविधा के अभाव का सर्वाधिक असर गांव की महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों पर पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सामुदायिक शौचालय सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से बनाया गया था। हालांकि, जिम्मेदारों की घोर उदासीनता के कारण यह भवन महीनों और वर्षों से उपयोगहीन पड़ा हुआ है। ग्रामीणों द्वारा इस समस्या के समाधान के लिए कई बार स्थानीय अधिकारियों से शिकायतें की गई हैं और मीडिया में भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया है। इन शिकायतों के संज्ञान में आने के बाद, संबंधित विभागों ने शौचालय की मरम्मत और रंग-रोगन का कार्य भी करवाया। लेकिन, यह सब खानापूर्ति साबित हुआ, क्योंकि कुछ ही दिनों के भीतर इसे पुनः बंद कर दिया गया।
अधिकारियों की उदासीनता और ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों ने इस बात पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है कि लगातार विरोध प्रदर्शनों और शिकायतों के बावजूद, जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान खोजने में कोई रुचि नहीं दिखा रहे हैं। सरकारी खजाने से बड़ी धनराशि खर्च होने के बाद भी जब जनता को सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है, तो यह स्थिति विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करती है।
समस्या से त्रस्त ग्रामीणों ने अब जिला प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनकी मांग है कि इस सामुदायिक शौचालय को तत्काल नियमित रूप से संचालित किया जाए और इसके रखरखाव तथा संचालन की जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से तय की जाए। ग्रामीणों को उम्मीद है कि उच्चाधिकारी इस मामले का संज्ञान लेकर उन्हें इस मूलभूत सुविधा से जल्द वंचित रहने की समस्या से निजात दिलाएंगे।
