बलरामपुर में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा, डीएम ने सुधार के दिए निर्देश
बलरामपुर में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा में डीएम ने संस्थागत प्रसव बढ़ाने, आयुष्मान भारत में अग्रणी रहने और संचारी रोगों के नियंत्रण पर जोर दिया।

बलरामपुर उत्तर प्रदेश | संवाददाता: अनिरुद्ध प्रताप शुक्ल
द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 23 सितंबर 2026
बलरामपुर में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला स्वास्थ्य समिति की शासी निकाय एवं विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संचालित विभिन्न कार्यक्रमों, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, टीकाकरण और वित्तीय प्रगति का विस्तृत मूल्यांकन किया गया। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराने और स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता बनाए रखने पर बल दिया।
बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने प्रत्येक मातृ मृत्यु प्रकरण की गंभीरता से जांच करने के निर्देश दिए, साथ ही प्रसव इकाइयों में प्रशिक्षित चिकित्सकों और आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। यह भी बताया गया कि अगस्त माह में एफआरयू (First Referral Unit) के अंतर्गत कुल 1,606 प्रसव हुए, जिनमें 272 सिजेरियन प्रक्रियाएं की गईं।
आयुष्मान भारत में बलरामपुर की अग्रणी उपलब्धि
आयुष्मान भारत योजना के तहत बलरामपुर जनपद की उपलब्धियों को सराहनीय बताया गया। अब तक 6.26 लाख से अधिक गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं, जो कुल लक्ष्य का 85.66 प्रतिशत है। इस उपलब्धि के साथ बलरामपुर देवीपाटन मंडल में प्रथम और पूरे प्रदेश में 21वें स्थान पर पहुँच गया है। जिलाधिकारी ने जननी सुरक्षा योजना के लंबित भुगतानों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के आदेश दिए। नियमित टीकाकरण में 98.11 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया गया, वहीं सर्वाइकल कैंसर से बचाव हेतु एचपीवी टीकाकरण में 100.5 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर शत-प्रतिशत से अधिक उपलब्धि दर्ज की गई।
संचारी रोग नियंत्रण और टेलीमेडिसिन पर भी हुई चर्चा
टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत अगस्त माह में 481 नए मरीज चिन्हित किए गए, जो निर्धारित लक्ष्य से 106 प्रतिशत अधिक है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को निःशुल्क सर्जरी और उपचार की सुविधाएँ दी जा रही हैं। ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन सेवा के माध्यम से अब तक 27,609 मरीजों को सफलतापूर्वक चिकित्सकीय परामर्श प्रदान किया जा चुका है।
विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान के संबंध में जिलाधिकारी ने जलभराव की रोकथाम, नालियों की सफाई, फॉगिंग और एंटी लार्वा छिड़काव जैसे कार्यों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, पंचायती राज और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित कर जनजागरूकता गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने का निर्देश दिया। इस बैठक में मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश रस्तोगी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
