बलरामपुर में सपा का प्रदर्शन: निर्वाचन प्रक्रिया में निष्पक्षता की उठाई मांग
समाजवादी पार्टी ने बलरामपुर में निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर विशाल धरना प्रदर्शन किया। नेताओं ने मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोप...

बलरामपुर उत्तर प्रदेश | संवाददाता: अनिरुद्ध प्रताप शुक्ल
द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 8 अक्टूबर 2026
बलरामपुर में गुरुवार को समाजवादी पार्टी (सपा) ने निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग को लेकर एक विशाल धरना प्रदर्शन का आयोजन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने संतोषी माता मंदिर से जिलाधिकारी कार्यालय तक मार्च निकाला और अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन राष्ट्रपति को संबोधित करते हुए सौंपा।
सपा नेताओं ने निर्वाचन प्रक्रिया में उठ रहे सवालों की स्वतंत्र जांच की मांग की है। ज्ञापन में फॉर्म-6 में कथित बदलावों की संवैधानिक और कानूनी जांच कराने तथा मतदाताओं से संबंधित दावों की निष्पक्ष समीक्षा का आग्रह किया गया है।
मतदाता सूची में गड़बड़ियों के आरोप
श्रावस्ती के सांसद राम शिरोमणि वर्मा और गैसड़ी के विधायक राकेश यादव ने सरकार पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए मतदाता सूची से हटाए गए नामों का विशेष ऑडिट कराने की मांग की। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के विरुद्ध चल रही जांच पूरी होने तक आवश्यक संवैधानिक कार्रवाई करने पर भी जोर दिया।
सपा नेताओं का मानना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए निर्वाचन प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि मतदाता सूची में सुधार नहीं किया गया तो आंदोलन को और अधिक व्यापक बनाया जाएगा।
ज्ञापन सौंपने के बाद कार्रवाई का आश्वासन
इस प्रदर्शन में सपा जिलाध्यक्ष मणिक लाल कश्यप, पूर्व विधायक राम सागर अकेला, मसूद खान, अनवर हाशमी और आरिफ अनवर हाशमी सहित पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। नर्सिंग पाल यादव, प्रखर कलहंस, डॉ. भानु तिवारी, मनीष चंद सोनकर, शिल्पा राज, गणेश प्रसाद यादव और सुमैया राणा जैसे स्थानीय नेताओं ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
जिला प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन प्राप्त कर लिया है और इसे संबंधित उच्च अधिकारियों तक भेजने का आश्वासन दिया है। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर उचित संवैधानिक और कानूनी कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए आवाज उठाते रहेंगे।
