बलरामपुर में नशाखोरों के खिलाफ विशेष अभियान, सीमा पर सुरक्षा कड़ी
बलरामपुर में नशीले पदार्थों व अवैध शराब की तस्करी रोकने के लिए विशेष अभियान। जिलाधिकारी ने सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्कता व शिक्षण संस्थानों में जागरूकता...

बलरामपुर उत्तर प्रदेश | संवाददाता: अनिरुद्ध प्रताप शुक्ल
द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 24 सितंबर 2026
बलरामपुर जिले में अवैध शराब और अन्य मादक पदार्थों की तस्करी, बिक्री तथा सेवन को पूर्णतः रोकने के उद्देश्य से प्रशासन ने एक विशेष प्रवर्तन अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन की अध्यक्षता में आयोजित एक महत्वपूर्ण एनकॉर्ड (Narcotics Control Bureau) बैठक में यह फैसला लिया गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि नशीले पदार्थों के अवैध व्यापार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए संबंधित विभागों के बीच गहन समन्वय आवश्यक है। उन्होंने स्थानीय स्तर पर सूचना तंत्र को मजबूत करने और प्राप्त होने वाली गोपनीय सूचनाओं के आधार पर त्वरित एवं सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान, आबकारी और पुलिस विभाग को विशेष रूप से निर्देशित किया गया कि वे मिलकर अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री के विरुद्ध सघन अभियान चलाएं। ऐसे सभी व्यक्तियों की पहचान की जाएगी जो इन अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाते हैं, और उनके खिलाफ कानून के अनुसार कठोरतम कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। जिलाधिकारी ने इस बात पर विशेष बल दिया कि नशीले पदार्थों की रोकथाम केवल प्रवर्तन की कार्रवाई तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसके साथ-साथ समाज में व्यापक स्तर पर जागरूकता फैलाना भी अनिवार्य है।
अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बढ़ाई गई सतर्कता
नेपाल के साथ लगी अंतरराष्ट्रीय सीमा की संवेदनशीलता को देखते हुए, सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए गए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों से नशीले पदार्थों के अवैध परिवहन को प्रभावी ढंग से रोकने के लिए पुलिस, आबकारी विभाग और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के बीच एक मजबूत और सुचारू समन्वय स्थापित किया जाना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि सीमा क्षेत्र में होने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रखी जाएगी और सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
युवा पीढ़ी को नशे से बचाने की पहल
जिले की युवा पीढ़ी को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, जनपद के सभी विद्यालयों और शिक्षण संस्थानों में विशेष नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों के सेवन से उनके स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक जीवन पर पड़ने वाले गंभीर प्रतिकूल प्रभावों के बारे में सचेत करना होगा। विभिन्न संवाद सत्रों, कार्यशालाओं और अन्य रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से छात्रों को एक स्वस्थ एवं नशामुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), अपर पुलिस अधीक्षक, तथा संबंधित विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने सभी उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में नियमित रूप से निगरानी बनाए रखें और मादक पदार्थों के व्यापार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति के प्रति अत्यंत सख्त रवैया अपनाएं। प्रशासन का अंतिम लक्ष्य जिले को पूर्णतः नशा मुक्त बनाना है, जिसके लिए प्रवर्तन तथा जन जागरूकता के दोहरे दृष्टिकोण को अपनाया जा रहा है। आने वाले दिनों में इस अभियान की प्रगति की समीक्षा उच्च स्तर पर की जाएगी ताकि अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
