बलरामपुर में चुनाव तैयारी: ईवीएम-वीवीपैट की एफएलसी संपन्न, मॉक पोल भी हुआ
बलरामपुर में आगामी विधानसभा चुनाव-2027 के लिए ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की फर्स्ट लेवल चेकिंग (एफएलसी) पूरी हो गई है। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की...

बलरामपुर उत्तर प्रदेश | संवाददाता: अनिरुद्ध प्रताप शुक्ल
द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 25 अक्टूबर 2026
बलरामपुर जनपद में आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की तैयारियों को गति देते हुए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) और वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट) मशीनों की फर्स्ट लेवल चेकिंग (एफएलसी) का कार्य संपन्न कर लिया गया है। यह महत्वपूर्ण कवायद भारत निर्वाचन आयोग के दिशानिर्देशों के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष और त्रुटिहीन बनाना है। इस प्रक्रिया में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी ने चुनावी तैयारियों में एक महत्वपूर्ण पड़ाव को चिह्नित किया है।
कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ईवीएम एवं वीवीपैट स्ट्रांग रूम में इस पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया गया। इस दौरान, यह सुनिश्चित किया गया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित सभी मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOPs) और दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन हो। मशीनों की किसी भी संभावित तकनीकी खामी को दूर करने और उनके सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि मतदान दिवस पर मतदाताओं को किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े।
ईवीएम और वीवीपैट की कार्यप्रणाली का परीक्षण
एफएलसी प्रक्रिया के तहत, ईवीएम की बैलेट यूनिट, कंट्रोल यूनिट और वीवीपैट मशीनों की कार्यक्षमता की गहन जांच की गई। इस परीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि मशीनें पूरी तरह से चालू हालत में हैं और उनके सभी फंक्शन सही ढंग से काम कर रहे हैं। प्रत्येक मशीन की सटीकता और विश्वसनीयता की जांच के लिए एक मॉक पोल भी आयोजित किया गया। मॉक पोल के दौरान, यह परखा गया कि प्रत्येक डाले गए वोट को मशीन द्वारा सही ढंग से दर्ज किया जा रहा है और वीवीपैट पर्ची भी सही कैंडिडेट को इंगित कर रही है।
इस महत्वपूर्ण परीक्षण प्रक्रिया में विभिन्न राजनीतिक दलों के अधिकृत प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया था। उनकी उपस्थिति में मशीनों का परीक्षण और मॉक पोल संपन्न हुआ। यह पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम था, जिससे चुनाव प्रक्रिया में जनता का विश्वास और अधिक मजबूत हो सके। प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी ने यह भरोसा दिलाया कि चुनाव आयोग पूरी निष्ठा और पारदर्शिता से कार्य कर रहा है।
पारदर्शिता के साथ संपन्न हुई पूरी प्रक्रिया
एफएलसी का कार्य 29 सितंबर से प्रारंभ हुआ था और इसे पूरी पारदर्शिता के साथ संपादित किया गया। जिला निर्वाचन प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि स्ट्रांग रूम को खोलने और बंद करने की प्रक्रिया में प्रतिदिन राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति बनी रहे। यह व्यवस्था प्रोटोकॉल का एक अभिन्न अंग थी, जो किसी भी प्रकार की शंका या आरोप की गुंजाइश को समाप्त करती है। प्रत्येक चरण की वीडियोग्राफी भी की गई, ताकि रिकॉर्ड के तौर पर सभी गतिविधियों का प्रमाण मौजूद रहे।
मॉक पोल के सफलतापूर्वक आयोजन और मशीनों की पूर्ण कार्यक्षमता सुनिश्चित होने के उपरांत, सभी ईवीएम और वीवीपैट मशीनों को सुरक्षित रूप से स्ट्रांग रूम में सील कर दिया गया है। ये मशीनें अब आगामी विधानसभा चुनावों में उपयोग के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। जिला प्रशासन ने इस पूरी प्रक्रिया में भाग लेने वाले सभी राजनीतिक प्रतिनिधियों के प्रति अपना आभार व्यक्त किया है। उनकी सहभागिता ने न केवल प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया कि चुनावी तैयारियां निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी हो सकें। यह कवायद निष्पक्ष और त्रुटिहीन मतदान सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सफल कदम साबित हुई है।
