बलरामपुर में आयुर्वेद दिवस पर निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर, सैकड़ों को मिली विशेषज्ञ सलाह
बलरामपुर के वी.टी.एम. हॉस्पिटल में आयुर्वेद दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर में सैकड़ों लोगों ने भाग लिया। चिकित्सकों ने स्वास्थ्य जांच के...

बलरामपुर उत्तर प्रदेश | संवाददाता: अनिरुद्ध प्रताप शुक्ल
द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 24 सितंबर 2026
उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में आयुर्वेद दिवस के अवसर पर वी.टी.एम. हॉस्पिटल एवं आयुर्वेद पंचकर्म सेंटर द्वारा एक निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में सैकड़ों की संख्या में स्थानीय निवासियों ने पहुंचकर अपने स्वास्थ्य की जांच कराई और आयुर्वेद विशेषज्ञों से बहुमूल्य परामर्श प्राप्त किया। इस पहल का उद्देश्य आयुर्वेद के सिद्धांतों के माध्यम से जन-जन को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना रहा।
शिविर के दौरान, अस्पताल में मौजूद अनुभवी चिकित्सकों ने मरीजों के रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) सहित विभिन्न स्वास्थ्य मापदंडों की जांच की। उपस्थित लोगों को उनकी व्यक्तिगत स्वास्थ्य समस्याओं के अनुसार आयुर्वेदिक उपचार, खान-पान और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के संबंध में विस्तृत सलाह दी गई। चिकित्सकों ने आयुर्वेद के माध्यम से रोगों की रोकथाम और शरीर की प्राकृतिक रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के प्रभावी तरीकों पर भी प्रकाश डाला। यह ध्यान दिया गया कि किस प्रकार दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलावों से स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सकता है।
आयुर्वेद: संतुलित जीवन का विज्ञान
वी.टी.एम. हॉस्पिटल एवं आयुर्वेद पंचकर्म सेंटर के चिकित्सक डॉ. प्रांजल त्रिपाठी ने इस अवसर पर कहा कि आयुर्वेद केवल एक चिकित्सा पद्धति नहीं है, बल्कि यह एक समग्र विज्ञान है जो स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने के मार्ग दिखाता है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि एक नियमित दिनचर्या, संतुलित आहार और आयुर्वेदिक सिद्धांतों पर आधारित जीवनशैली को अपनाकर कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। डॉ. त्रिपाठी के अनुसार, ऐसे स्वास्थ्य शिविरों का मुख्य उद्देश्य आम जनता को आयुर्वेद के लाभों के प्रति जागरूक करना और उन्हें एक स्वस्थ जीवन की ओर प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि 'स्वस्थानीय वृत्ति' (स्वस्थ रहने की आदतें) को अपनाना ही आयुर्वेद का मूल मंत्र है।
उन्होंने आगे बताया कि आज के भागदौड़ भरे जीवन में, जहाँ लोग अपनी स्वास्थ्य उपेक्षा करते हैं, वहाँ आयुर्वेद एक दिशा सूचक के रूप में कार्य करता है। यह हमें प्रकृति से जुड़ना सिखाता है और हमारे शरीर की अंतर्निहित उपचार क्षमताओं को जागृत करता है। शिविर में जो परामर्श दिए गए, वे केवल तात्कालिक समस्याओं के समाधान तक सीमित नहीं थे, बल्कि दीर्घकालिक स्वास्थ्य की नींव रखने वाले थे।
शिविर में भाग लेने वाले लोगों ने इस निःशुल्क स्वास्थ्य जांच और विशेषज्ञ परामर्श की पहल की व्यापक सराहना की। उन्होंने इस अवसर का पूरा लाभ उठाया और प्राप्त सलाह को अपनाने की बात कही। कई लोगों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि किस प्रकार उन्होंने पहले भी आयुर्वेदिक उपचारों से लाभ प्राप्त किया है और भविष्य में भी वे इसे अपनी जीवनशैली का अभिन्न अंग बनाएंगे।
कार्यक्रम के आयोजकों ने भविष्य में भी जनहित को प्राथमिकता देते हुए ऐसे स्वास्थ्य शिविरों का नियमित आयोजन जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई है, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुलभ हो सकें। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इन आयोजनों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को आयुर्वेद के व्यावहारिक लाभों से अवगत कराया जाए और उन्हें एक स्वस्थ, सुखी जीवन जीने के लिए सशक्त बनाया जाए।
