बलरामपुर के उदासीन संगत मंदिर में गुरु पर्व मना, भक्तों ने लिया आशीर्वाद
बलरामपुर के उदासीन संगत मंदिर में गुरु पर्व मनाया गया। महंत बृजानन्द महाराज के सानिध्य में जनप्रतिनिधियों सहित श्रद्धालुओं ने भाग लिया और प्रसाद ग्रहण...

बलरामपुर उत्तर प्रदेश | संवाददाता: अनिरुद्ध प्रताप शुक्ल
द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 6 अक्टूबर 2026
बलरामपुर नगर के गेल्हापुर स्थित उदासीन संगत मंदिर में गुरु पर्व का पावन उत्सव अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस विशेष अवसर पर महंत बृजानन्द महाराज द्वारा आयोजित कार्यक्रम में स्थानीय निवासियों और जिले भर से आए श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में शिरकत की। मंदिर परिसर में आयोजित भंडारे में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। गुरु पर्व, जिसे गुरु नानक जयंती के रूप में भी जाना जाता है, सिख धर्म के सबसे पवित्र त्योहारों में से एक है और यह सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोविंद सिंह के प्रकाश पर्व के साथ-साथ सिख समुदाय के लिए गहरा आध्यात्मिक महत्व रखता है। यह दिन गुरुओं के उपदेशों, उनके जीवन और उनकी शिक्षाओं को याद करने का अवसर प्रदान करता है, जो सत्य, न्याय और निस्वार्थ सेवा पर जोर देते हैं।
जनप्रतिनिधियों ने की शिरकत, गुरुजनों का लिया आशीर्वाद
गुरु पर्व के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्र के प्रमुख जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। सदर विधायक पलटूराम और तुलसीपुर विधायक कैलाश नाथ शुक्ल ने मंदिर पहुंचकर गुरुजनों के दर्शन किए और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। उनकी उपस्थिति ने स्थानीय नेताओं के बीच समुदाय के आध्यात्मिक और धार्मिक आयोजनों में सक्रिय भागीदारी को दर्शाया। इसके साथ ही, आदर्श नगर पालिका परिषद के चेयरमैन डॉ. धीरेंद्र प्रताप सिंह धीरु, भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता व समाजसेवी विनय कुमार मिश्र तथा भाजपा महिला मोर्चा की नेता मंजू तिवारी ने भी कार्यक्रम में अपनी सहभागिता सुनिश्चित की। इन गणमान्य व्यक्तियों का आगमन आयोजन की गरिमा को और बढ़ाता है और समुदाय के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है।
श्रद्धालुओं ने प्राप्त किया आध्यात्मिक मार्गदर्शन
इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य नागरिकों और श्रद्धालुओं ने महंत बृजानन्द महाराज से भेंट कर आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्राप्त किया। महंत बृजानन्द महाराज ने अपने प्रवचनों से भक्तों को प्रेरित किया और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान गुरुजनों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि गुरु का आशीर्वाद जीवन में सदैव सकारात्मक ऊर्जा, उत्तम संस्कार और निस्वार्थ सेवा की प्रेरणा प्रदान करता है। उन्होंने यह भी बताया कि गुरुओं के दिखाए मार्ग पर चलकर ही व्यक्ति अपने जीवन को सार्थक बना सकता है और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। मंदिर प्रबंधन द्वारा सभी आगंतुकों के लिए प्रसाद वितरण की व्यवस्था अत्यंत सुचारू रूप से की गई थी, जिससे प्रत्येक श्रद्धालु को भक्ति भाव से भोजन ग्रहण करने का अवसर मिला। भक्तिमय वातावरण के बीच संपन्न हुए इस आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और गुरु पर्व की गरिमा को आत्मसात किया। नगर के विभिन्न हिस्सों से आए श्रद्धालुओं ने मंदिर में माथा टेककर सुख-समृद्धि की कामना की। देर शाम तक मंदिर परिसर में भक्तों का आवागमन जारी रहा और एक आध्यात्मिक वातावरण बना रहा, जो समुदाय की गहरी आस्था और एकता का प्रतीक था।
