बलरामपुर डीएम ने स्वास्थ्य सत्र का किया निरीक्षण, टीकाकरण पर कड़े निर्देश
बलरामपुर के डीएम ने ग्राम स्वास्थ्य सत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने शत-प्रतिशत टीकाकरण और गर्भवती महिलाओं की गुणवत्तापूर्ण जांच पर जोर दिया।

बलरामपुर उत्तर प्रदेश | संवाददाता: अनिरुद्ध प्रताप शुक्ल
द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 23 सितंबर 2026
बलरामपुर जिले के विकास खंड हरैया सतघरवा स्थित ग्राम पंचायत सकरी बनकटवा में आयोजित ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस (वीएचएसएनडी) सत्र का जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का जायजा लिया और बच्चों के शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के साथ-साथ गर्भवती महिलाओं की गुणवत्तापूर्ण जांच पर कड़े निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान सत्र में सत्रह बच्चों का टीकाकरण किया गया, जिसकी प्रगति रिपोर्ट पर जिलाधिकारी ने संतोष व्यक्त किया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ड्यू लिस्ट के अनुसार सभी पात्र बच्चों का निर्धारित समय पर टीकाकरण सुनिश्चित किया जाएगा। जिलाधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि जो बच्चे किन्हीं कारणों से टीकाकरण से छूट गए हैं, उन्हें तत्काल चिह्नित कर आगामी सत्रों में आच्छादित करने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को इस प्रक्रिया में अभिभावकों को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने को कहा।
गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच और ई-कवच पोर्टल पर जोर
जिलाधिकारी ने गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पंजीकृत सभी महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच गुणवत्तापूर्ण तरीके से होनी चाहिए। जांच के दौरान हीमोग्लोबिन, वजन और रक्तचाप जैसे महत्वपूर्ण मानकों की नियमित निगरानी अत्यंत आवश्यक है। उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की विशेष निगरानी रखने और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें उच्च स्वास्थ्य इकाइयों में संदर्भित करने के निर्देश भी दिए गए।
इस दौरान जिलाधिकारी ने ई-कवच पोर्टल के उपयोग की भी समीक्षा की। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को सख्त निर्देश दिए कि पोर्टल पर लाभार्थियों के स्वास्थ्य संबंधी विवरण, टीकाकरण एवं जांच की जानकारी समयबद्ध तरीके से अद्यतन की जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि आंकड़ों की सही प्रविष्टि से लाभार्थियों की प्रभावी निगरानी संभव हो सकेगी और यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि कोई भी पात्र लाभार्थी आवश्यक पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे। उन्होंने वीएचएसएनडी सत्र के मुख्य उद्देश्य को ग्रामीण स्तर पर ही महिलाओं एवं बच्चों को आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराना बताया।
इस निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी (एमओआईसी) सुजीत पांडे समेत अन्य संबंधित अधिकारी और स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे।
