बलरामपुर: 2016 से फरार हत्यारोपी को पुलिस ने दस साल बाद दबोचा
बलरामपुर में पुलिस ने दस साल से फरार चल रहे एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत गंभीर धाराओं में...

बलरामपुर | संवाददाता: प्रमोद पाण्डेय
द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 21 सितंबर 2026
बलरामपुर जिले के हर्रैया थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक दशक से फरार चल रहे एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी राम मनोरथ उर्फ रम्मन को सोमवार को गिरगटही मजरा शंकरपुर से गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार वांछित अपराधियों के विरुद्ध चलाए जाoverrightarrow जा रहे विशेष अभियान का परिणाम है।
जानकारी के अनुसार, राम मनोरथ के विरुद्ध वर्ष 2016 में थाना हर्रैया में पॉक्सो एक्ट और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं (363, 366, 376) के तहत मामला पंजीकृत किया गया था। इस मामले में अभियुक्त को 20 नवंबर 2016 को फरार घोषित किया गया था। तभी से वह पुलिस की पकड़ से बाहर था और कानूनी कार्रवाई से बच रहा था। दस साल के लंबे अंतराल के बाद, मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने उसे उसके ठिकाने से दबोच लिया।
अपराधियों की धरपकड़ के लिए अभियान जारी
पुलिस अधीक्षक मार्तण्ड प्रकाश सिंह के आदेश पर जिले भर में अपराधियों की धरपकड़ का अभियान तेज किया गया है। इस विशेष अभियान का उद्देश्य उन सभी अभियुक्तों को गिरफ्तार करना है जो विभिन्न मामलों में वांछित हैं और पुलिस की पकड़ से बचकर फरार चल रहे हैं। इसी क्रम में, अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पाण्डेय और क्षेत्राधिकारी ललिया डीके श्रीवास्तव के पर्यवेक्षण में थाना हर्रैया की एक सक्रिय टीम ने इस महत्वपूर्ण गिरफ्तारी को अंजाम दिया।
इस गिरफ्तारी में गठित टीम का नेतृत्व प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार सिंह ने किया। टीम के अन्य सदस्यों में वरिष्ठ उपनिरीक्षक राजेश कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल महमूद अली और कांस्टेबल राजेश चौरसिया शामिल थे। इन पुलिसकर्मियों ने अपनी सूझबूझ और अथक प्रयास से दस साल से फरार चल रहे राम मनोरथ को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की। यह गिरफ्तारी पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, क्योंकि ऐसे फरार अभियुक्तों को पकड़ना अक्सर चुनौतीपूर्ण होता है।
कानूनी कार्रवाई के लिए न्यायालय में पेशी
गिरफ्तारी के उपरांत, पुलिस ने आरोपी राम मनोरथ उर्फ रम्मन के खिलाफ सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। इसमें चिकित्सीय जांच और अन्य प्रक्रियाएं शामिल हैं। अब उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा। पुलिस प्रशासन का कहना है कि न्यायालय द्वारा मामले की सुनवाई की जाएगी और अभियुक्त को उसके अपराधों के लिए दंडित किया जाएगा।
पुलिस प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि लंबित मामलों के निस्तारण और समाज में कानून का राज स्थापित करने के उद्देश्य से इस तरह की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। जिले भर में ऐसे अन्य फरार अभियुक्तों की तलाश में भी पुलिस टीमें सक्रिय हैं और उनसे संबंधित जानकारी जुटाने का काम जारी है। इस गिरफ्तारी से क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता और कार्यप्रणाली पर एक बार फिर मुहर लगी है, जिससे आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है।
