आयुष्मान दिवस पर दमोह में लाभार्थियों को मिले स्वास्थ्य सुरक्षा कार्ड
दमोह जिला चिकित्सालय में आयुष्मान दिवस पर 9 लाख से अधिक आयुष्मान कार्डधारकों को स्वास्थ्य सुरक्षा कवच प्रदान किया गया। 70 वर्ष से अधिक आयु...

द क्लिफ न्यूज़ डेस्क | संवाददाता: अनिल राठौर
द क्लिफ न्यूज़ | दमोह | 24 सितंबर 2026
बीमारी के समय उपचार के खर्च की चिंता को कम करने के उद्देश्य से शुरू की गई आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत, दमोह जिला चिकित्सालय में आयुष्मान दिवस के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में जरूरतमंद परिवारों को आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए, जिससे वे स्वास्थ्य सुरक्षा कवच का लाभ उठा सकें।
कार्यक्रम में जिला विस्तार एवं माध्यम अधिकारी डॉ. अशोक बरोनिया और जिला आयुष्मान समन्वयक डॉ. मुकेश पटेल सहित अन्य स्वास्थ्य अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने योजना के महत्व और इसके माध्यम से मिलने वाले व्यापक लाभों पर प्रकाश डाला। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, दमोह जिले में अब तक कुल 9 लाख 38 हजार 216 आयुष्मान कार्ड सफलतापूर्वक बनाए जा चुके हैं।
स्वास्थ्य सुरक्षा कवच के लाभ और कवरेज
जिला चिकित्सालय, दमोह में अब तक 81,000 लाभार्थियों को इस योजना के तहत लगभग 135 करोड़ रुपये का निःशुल्क उपचार मुहैया कराया जा चुका है। भारत सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत विभिन्न 27 चिकित्सा विशेषज्ञताओं में 1,961 उपचार प्रक्रियाओं को शामिल किया गया है। योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवरेज प्रदान किया जाता है, जिससे गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक सहायता मिलती है।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष प्रावधान
एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए, अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अब 70 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को भी स्वास्थ्य सुरक्षा कवच मिलेगा। उनके लिए 'आयुष्मान वय वंदना कार्ड' की व्यवस्था की गई है, जिसके माध्यम से वे 5 लाख रुपये तक का कवरेज प्राप्त कर सकते हैं। इस कवरेज के लिए किसी भी आय वर्ग की बाध्यता नहीं रखी गई है, जिससे प्रदेश के बुजुर्गों को बड़ी राहत मिली है।
डिजिटल हेल्थ आईडी का महत्व
कार्यक्रम के दौरान, पांच हितग्राहियों को प्रतीकात्मक तौर पर उनकी डिजिटल हेल्थ आईडी, जिसे आभा (ABHA) आईडी भी कहा जाता है, बनाकर दी गई। अधिकारियों ने इस डिजिटल पहचान के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि यह स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को सुरक्षित रूप से संग्रहीत करने में सहायक होती है। आपातकालीन परिस्थितियों में, यह आईडी डॉक्टरों को रोगी के स्वास्थ्य इतिहास तक तुरंत पहुंचने में मदद करती है, जिससे उपचार प्रक्रिया अधिक सरल और प्रभावी हो जाती है। इस आयोजन का एक प्रमुख उद्देश्य नागरिकों को आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ डिजिटल स्वास्थ्य पहचान के महत्व के प्रति जागरूक करना भी रहा।
