आशा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, टीकाकरण अधिकारी पर दुर्व्यवहार व गबन का आरोप
भिंड में आशा कार्यकर्ताओं ने राज्य टीकाकरण अधिकारी पर दुर्व्यवहार और राशि हड़पने का आरोप लगाया। उन्होंने निष्पक्ष जांच व कार्रवाई की मांग को लेकर...

भिण्ड | संवाददाता: दीपेंद्र बौहरे
द क्लिफ न्यूज़ | 22 सितंबर 2026
मध्य प्रदेश के भिंड जिले में राज्य टीकाकरण कार्यक्रम अधिकारी भकोरिया के खिलाफ आशा कार्यकर्ताओं और पर्यवेक्षकों का गुस्सा सोमवार को सड़कों पर उतर आया। प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मी कौरव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं का मुख्य आरोप है कि संबंधित अधिकारी ने न केवल उनके प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी की, बल्कि उनकी मेहनत से अर्जित राशि को हड़पने का प्रयास भी किया जा रहा है।
कार्यकर्ताओं ने बताया कि शासन द्वारा आशा कार्यकर्ताओं के लिए 3354 करोड़ 75 लाख रुपये की भारी भरकम राशि का प्रावधान किया गया है। इसके बावजूद, जमीनी स्तर पर कार्य करने वाली महिलाओं को इस धनराशि का समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा को सौंपे गए ज्ञापन में स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, फिर भी उन्हें कथित तौर पर अपमानजनक व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है।
आरोप और मांगों का ज्ञापन
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि टीकाकरण अधिकारी द्वारा आशा कार्यकर्ताओं के साथ दुर्व्यवहार किया गया है और उनकी मेहनत की कमाई से जुड़ी राशि को भी अनियमित तरीके से हड़पने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने और दोषी अधिकारी पर सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की।
आंदोलन की चेतावनी
आशा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनके द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच नहीं हुई और दोषी अधिकारी पर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो वे अपने आंदोलन को और अधिक तीव्र करेंगी। उन्होंने कहा कि वे इस मामले में न्याय मिलने तक पीछे नहीं हटेंगी।
प्रशासन का रुख
स्थानीय प्रशासन ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया है और जांच की प्रक्रिया शुरू करने के संकेत दिए हैं। कलेक्टर ने कार्यकर्ताओं को आश्वासन दिया है कि शिकायतों की जांच की जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई होगी। अब यह देखना शेष है कि शासन-प्रशासन स्तर पर इन शिकायतों का क्या समाधान निकाला जाता है और कार्यकर्ताओं को कब तक राहत मिलती है।
