आरोन में मोबाइल कोर्ट ने सुलझाया वर्षों पुराना भूमि विवाद
आरोन की मोबाइल कोर्ट टीम ने ग्राम मुहांसा में सर्वे नंबर 134/1/12 की भूमि की पैमाइश की और आपसी सहमति से आवेदक को उसका कब्जा...

आरोन | संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | आरोन | 6 अक्टूबर 2026
मध्य प्रदेश के आरोन में कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल के निर्देशों के तहत मोबाइल कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए भूमि संबंधी विवादों का निराकरण आपसी सहमति से किया है। इस पहल के तहत ग्राम मुहांसा तहसील आरोन के निवासी प्रकाश पुत्र संटू अहिरवार द्वारा जनसुनवाई में प्रस्तुत किए गए आवेदन पर त्वरित कार्रवाई की गई।
अनुविभागीय अधिकारी आरोन सुश्री मंजुषा खत्री के मार्गदर्शन में गठित मोबाइल कोर्ट की टीम ने ग्राम मुहांसा स्थित विवादित भूमि का निरीक्षण किया। राजस्व विभाग के दल, जिसमें हल्का पटवारी हरीश राठौर, भावना चौहान और प्रभात चौरसिया शामिल थे, ने मौके पर पहुंचकर सर्वे नंबर 134/1/12, जिसका रकबा 0.627 हेक्टेयर है, की गहन पैमाइश की।
भूमि की पैमाइश और सीमांकन
मोबाइल कोर्ट ने विवादित स्थल पर अनावेदकगण चुन्नीलाल पुत्र हनुमंत सिंह यादव, नेपाल, रामवीर और रतिभान के साथ विस्तृत चर्चा की। पैमाइश के उपरांत भूमि की सीमाओं को विधिवत चिन्हित किया गया। इसके बाद, आपसी सहमति के आधार पर आवेदक प्रकाश पुत्र संटू अहिरवार को भूमि का कब्जा सौंप दिया गया। इस प्रक्रिया ने सुनिश्चित किया कि विवाद का समाधान सभी पक्षों की स्वीकार्यता से हो।
सुरक्षा और पारदर्शिता
पूरी कार्यवाही के दौरान कार्यपालिक मजिस्ट्रेट अमित जैन और पनवाड़ी हाट चौकी का पुलिस बल सुरक्षा व्यवस्था के लिए उपस्थित रहा। कार्यवाही की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए मौके पर ही पंचनामा तैयार किया गया, जिस पर संबंधित पक्षों और उपस्थित ग्रामीणों के हस्ताक्षर भी लिए गए। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय किसान और ग्रामीण मौजूद रहे, जिन्होंने प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की।
प्रशासन की पहल का महत्व
प्रशासन की इस तत्परता और प्रभावी पहल से ग्राम मुहांसा में वर्षों से लंबित भूमि विवाद का शांतिपूर्ण समाधान संभव हो सका है। मोबाइल कोर्ट के माध्यम से इस तरह के मामलों का निपटारा होने से स्थानीय निवासियों को न्याय मिलने में आसानी हो रही है और राजस्व संबंधी जटिलताओं में कमी आ रही है। यह पहल भूमि स्वामित्व से जुड़े मामलों के शीघ्र निराकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
