आरोन में कांग्रेस का 'काला दिवस': मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
आरोन में कांग्रेस ने 'काला दिवस' मनाकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। राहुल गांधी की हिरासत की निंदा करते हुए...

आरोन | संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | आरोन | 8 अक्टूबर 2026
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी आरोन ने गुरुवार को भारतीय लोकतंत्र की सुरक्षा को लेकर 'काला दिवस' मनाया। हनुमान दास मंदिर के समक्ष आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों के विरुद्ध अपनी आवाज उठाई। यह प्रदर्शन पूर्व मंत्री एवं विधायक जयवर्धन सिंह के निर्देशन में संपन्न हुआ।
विरोध प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग प्रमुखता से की गई। कांग्रेस नेताओं ने सात अक्टूबर को दिल्ली में जंतर-मंतर की ओर मार्च कर रहे राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा सहित अन्य विपक्षी सांसदों को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की घटना की कड़ी निंदा की। कार्यकर्ताओं ने 'ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो' के नारे लगाते हुए लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का आरोप लगाया।
संवैधानिक संस्थाओं की रक्षा का संकल्प
जिला ग्रामीण प्रभारी शिवकुमार उपरिंग ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज को दबाना अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि यह घटना लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है और कांग्रेस इसे बर्दाश्त नहीं करेगी।
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष पार्वती अहिरवार ने स्पष्ट किया कि पार्टी सड़क से लेकर सदन तक लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण के लिए संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि हमारी लड़ाई केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि देश के भविष्य के लिए है।
पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष मेहरबान सिंह धाकड़ ने इस बात पर जोर दिया कि संवैधानिक संस्थाओं की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि आज की स्थिति चिंताजनक है और हमें मिलकर इन संस्थाओं को स्वतंत्र और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए प्रयास करना होगा।
कार्यक्रम का समापन ब्लॉक कांग्रेस प्रभारी रविंद्र रघुवंशी के आभार प्रदर्शन के साथ हुआ। इस अवसर पर उपस्थित सभी कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने और संविधान के मूल्यों की रक्षा के लिए एकजुट रहने का संकल्प लिया। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ब्लॉक पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक शामिल हुए।
