आरोन मंडी में सुविधाओं का विस्तार: अनुविभागीय अधिकारी ने दिए कड़े निर्देश
आरोन कृषि उपज मंडी का औचक निरीक्षण कर अनुविभागीय अधिकारी ने व्यापारियों व किसानों के साथ बैठक की। व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने व समस्याओं के...

आरोन | संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | आरोन | 7 अक्टूबर 2026
आरोन कृषि उपज मंडी में सुविधाओं के विस्तार और व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं भारसाधक अधिकारी मंजूषा खत्री ने मंडी परिसर का औचक निरीक्षण करते हुए व्यापारियों, किसान संघ के प्रतिनिधियों, तुलावटी संघ के सदस्यों और मंडी कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक का मुख्य लक्ष्य आगामी समय के लिए मंडी की व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित करना और मौजूदा समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना था।
आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों ने मंडी परिसर में प्रकाश, पेयजल, सड़क और स्वच्छता व्यवस्थाओं की स्थिति का जायजा लिया। इन आधारभूत सुविधाओं को तत्काल दुरुस्त करने के संबंध में मंडी सचिव को कड़े निर्देश जारी किए गए। यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है कि किसानों और व्यापारियों को मंडी में किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
सुरक्षा और सुचारू संचालन पर जोर
आगामी फसल खरीदी के दौरान वाहनों के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए मंडी सचिव को परमानेंट लाइन मार्किंग करने का निर्देश दिया गया। ड्यूटी पर तैनात सभी कर्मचारियों के लिए निर्धारित ड्रेस कोड का पालन करना अनिवार्य किया गया है। इसके अतिरिक्त, फसल की डाक नीलामी प्रक्रिया के सुचारू संचालन हेतु पर्याप्त स्टाफ तैनात करने के भी स्पष्ट निर्देश दिए गए। सुरक्षा के मद्देनजर, मंडी परिसर में रात्रि गश्त की व्यवस्था के लिए पुलिस से सहयोग लेने पर भी विचार किया गया।
कर्मचारी नियुक्ति और भुगतान योजना पर चर्चा
बैठक में व्यापारी संघ द्वारा तुलावटियों को एक समान टी-शर्ट उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर सहमति जताई गई। मंडी की बढ़ती आवश्यकताओं को देखते हुए, अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए पत्राचार करने का निर्णय लिया गया। कार्यपालिक मजिस्ट्रेट अमित जैन और मंडी सचिव रामकृष्ण लोधा की उपस्थिति में भावान्तर भुगतान योजना के संबंध में भी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मंडी परिसर में सुधार की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण किया जाएगा, ताकि किसानों और व्यापारियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। बैठक में संबंधित पक्षों ने अपने सुझाव साझा किए और मंडी व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण पर जोर दिया।
