BREAKING
Revolutionary climate technology breakthrough announced • Championship finals draw record 150M+ viewers • Global markets surge following policy changes • New discovery in quantum computing promises faster processors
The Cliff News
National

आदिवासियों की जमीनें हड़पने पर हाईकोर्ट सख्त, राजस्व अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश

श्योपुर में आदिवासियों की पट्टे और स्वामित्व वाली जमीनों पर राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर के मामले में हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने तत्कालीन कलेक्टर के पत्र का हवाला देते हुए प्रशासनिक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

Few hours ago
2 मिनट में पढ़ें
आदिवासियों की जमीनें हड़पने पर हाईकोर्ट सख्त, राजस्व अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश

द क्लिफ न्यूज़ | श्योपुर | 8 अक्टूबर 2026

मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में आदिवासियों की पट्टे और स्वामित्व वाली जमीनों को प्रभावशाली लोगों के नाम दर्ज करने और राजस्व रिकॉर्ड में कथित हेरफेर के मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सख्त तेवर दिखाए हैं। अदालत ने राजस्व अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए प्रशासनिक स्तर पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।

यह मामला आदिवासियों के वैधानिक अधिकारों के हनन और सरकारी तंत्र में अनियमितताओं की ओर इशारा करता है। हाईकोर्ट ने 15 जुलाई 2025 को अपने एक महत्वपूर्ण आदेश में तत्कालीन कलेक्टर संजय कुमार द्वारा 7 फरवरी 2024 को लिखे गए एक पत्र का हवाला दिया, जिसमें इस गंभीर गड़बड़ी का उल्लेख था।

राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर का खुलासा

अदालत के समक्ष प्रस्तुत तथ्यों से यह उजागर हुआ है कि तहसीलदार, नायब तहसीलदार और पटवारी स्तर के अधिकारियों की मिलीभगत से राजस्व रिकॉर्ड में व्यापक फेरबदल किया गया। आरोप है कि इन अधिकारियों ने अपनी पद का दुरुपयोग करते हुए आदिवासियों की जमीनें रसूखदार और प्रभावशाली व्यक्तियों के नाम स्थानांतरित कर दीं। इस प्रक्रिया में सीधे तौर पर आदिवासियों के मालिकाना हक और पट्टे पर मिली जमीनों के रिकॉर्ड को बदला गया, जिससे उनके कानूनी अधिकार प्रभावित हुए।

आदिवासी परिवारों के अधिकारों पर संकट

आदिवासी परिवारों की पट्टे और स्वामित्व वाली जमीनों के रिकॉर्ड में किए गए इन कथित बदलावों ने उनके जीवनयापन और पारंपरिक अधिकारों पर गंभीर संकट खड़ा कर दिया था। हाईकोर्ट ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए राजस्व अधिकारियों की मनमानी और आदिवासी समुदाय के साथ हो रही ज्यादतियों पर अंकुश लगाने की आवश्यकता जताई है। अदालत का यह रुख स्पष्ट करता है कि कमजोर और हाशिए पर रखे गए समुदायों के भूमि संबंधी मामलों में किसी भी प्रकार की अनियमितता या अधिकारों के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

भविष्य की कार्रवाई और पारदर्शिता पर जोर

हाईकोर्ट के निर्देशों के आलोक में, अब संबंधित राजस्व रिकॉर्ड और भूमि संबंधी मामलों की गहन जांच तथा जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। यह मामला न केवल राजस्व रिकॉर्ड की पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि आदिवासी भूमि अधिकारों की सुरक्षा के लिए भी एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। अदालत के सख्त रुख से सरकारी अमले में यह संदेश गया है कि आदिवासियों की जमीनें हड़पने के प्रयासों को किसी भी सूरत में सफल नहीं होने दिया जाएगा।

संबंधित समाचार