अभिषेक शर्मा चमके, भारत ने टी20आई में न्यूजीलैंड को दी शिकस्त
अभिषेक शर्मा के तूफानी शतक की बदौलत भारत ने चौथा टी20आई जीता। सीरीज पहले ही भारत के नाम।
भारत की शानदार जीत, सीरीज पर पहले ही कब्जा
न्यूजीलैंड के खिलाफ चौथे टी20 इंटरनेशनल में भारत ने धमाकेदार जीत दर्ज की। ओपनर अभिषेक शर्मा के विस्फोटक शतक ने भारत की जीत की नींव रखी। यह जीत टी20 सीरीज के अंत के साथ आई है, क्योंकि भारत पहले ही सीरीज अपने नाम कर चुका था।
वनडे सीरीज पर नजर, टी20 का Momentum अहम
अब सारा ध्यान आगामी वनडे सीरीज पर है, और ये बचे हुए टी20 मुकाबले दोनों टीमों के लिए Momentum बनाने का काम करेंगे। कीवी टीम अपने घरेलू मैदान पर वापसी करने को बेताब होगी, वहीं भारत इस प्रभावी प्रदर्शन से आत्मविश्वास से लबरेज है। चौथा टी20 इंटरनेशनल 30 अक्टूबर को ऑकलैंड के प्रतिष्ठित ईडन पार्क में खेला जाना तय था। मैच भारतीय समयानुसार दोपहर 12:30 बजे शुरू हुआ।
अभिषेक शर्मा का रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन
इस मैच का मुख्य आकर्षण अभिषेक शर्मा रहे, जिन्हें उनके 38 गेंदों पर 113 रनों की शानदार पारी के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया। शर्मा ने अपनी सफलता का श्रेय खेल का आनंद लेने की सादी फिलॉसफी को दिया, खासकर पावरप्ले के दौरान। उन्होंने बताया कि फील्डिंग के दौरान टीम ने दबाव झेला और पिच पर अतिरिक्त उछाल देखी, जिसने ग्राउंड के आयामों और गति के साथ मिलकर उन्हें पावरप्ले का पूरा फायदा उठाने दिया।
उन्होंने कहा, "कोई भी बल्लेबाज ऐसे ही बल्लेबाजी करना चाहेगा, लेकिन 12 गेंदों पर 50 रन तो कभी-कभी ही बनते हैं। मेरा लक्ष्य कभी भी व्यक्तिगत मील का पत्थर हासिल करना नहीं रहा, बल्कि हमेशा टीम के लिए जीत हासिल करना है।"
शर्मा ने अपने ओपनिंग पार्टनर वैभव के पहले ही ओवर में दिए गए बेहतरीन साथ की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि टीम का मुख्य उद्देश्य टीम के लिए Momentum बनाना और आक्रामक रवैया बनाए रखना था। उन्होंने कोचिंग स्टाफ और कप्तान को खिलाड़ियों को दी गई आजादी का श्रेय दिया, और जोर देकर कहा कि यह आसान नहीं है, लेकिन पर्दे के पीछे की सघन तैयारी ऐसे प्रदर्शनों की कुंजी है।
अय्यर ने की निडर क्रिकेट और बॉलिंग रणनीति की तारीफ
भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने टीम के प्रदर्शन पर अत्यधिक संतुष्टि व्यक्त की, खासकर अभिषेक शर्मा और उनके साथी के शीर्ष क्रम के बल्लेबाजी प्रदर्शन की जमकर सराहना की। अय्यर ने स्वीकार किया कि जब वह और संजू सैमसन क्रीज पर थे तब भी गेंद स्विंग कर रही थी, जिससे ओपनरों की छक्के-चौके मारने की क्षमता 'अविश्वसनीय' हो गई। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पांच ओवरों में 100 रन बनते कभी नहीं देखे।
अय्यर ने निडर होकर खेलने के महत्व पर जोर दिया, खासकर विदेशी धरती पर जहां खिलाड़ियों को परखा जाता है। उन्होंने ओपनरों की सफलता को 'असाधारण प्रयास' बताया और उम्मीद जताई कि वे इस फॉर्म को बाकी बचे दो मैचों में भी जारी रखेंगे। अय्यर टीम की अनुकूलन क्षमता से भी प्रभावित थे, खासकर यात्रा और जेट लैग के बावजूद प्रदर्शन को 'चौंकाने वाला' बताया।
गेंदबाजी के बारे में, अय्यर ने माना कि टीम जब फुल लेंथ या हार्ड लेंथ पर गेंदबाजी कर रही थी तो रन दे रही थी। नतीजतन, उन्होंने गेंदबाजों को यॉर्कर फेंकने का निर्देश दिया, जो एक प्रभावी सामरिक बदलाव साबित हुआ और न्यूजीलैंड को 200 रनों के पार नहीं जाने दिया।
सैंटनर ने कठिन हार और बल्लेबाजी क्षमता पर की बात
न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर ने हार को कठिन बताया और स्वीकार किया कि एक बार भारतीय बल्लेबाजों को Momentum मिल जाए तो उन्हें रोकना मुश्किल है। उन्होंने उल्लेख किया कि उनकी टीम ने फिर से टॉस हारा, लेकिन डेरिल मिचेल और बेवन जैकब्स के प्रयासों की सराहना की, जो लगभग 200 का स्कोर बनाने की राह पर थे, लेकिन असफल रहे। सैंटनर ने मैदान पर ओस की मौजूदगी का भी संकेत दिया, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों की असाधारण खेल भावना की जमकर तारीफ की।
उन्होंने टीम की बल्लेबाजी क्षमता पर आशावाद व्यक्त किया, और कहा कि विभिन्न मैचों में अलग-अलग खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। चेज में अपने फैसले को होल्ड करने पर, सैंटनर ने समझाया कि उन्होंने पहली पारी में अक्षर पटेल के तरीके को देखा था और दो बाएं हाथ के बल्लेबाज अच्छा कर रहे थे, इसलिए उन्होंने बल्लेबाजी न करने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि टीम भविष्य में ऐसी स्थितियों में बेहतर समाधान खोजने का लक्ष्य रखेगी।
शेष दो टी20 मैच न्यूजीलैंड के लिए कुछ सम्मान बचाने और आगामी वनडे सीरीज की ओर Momentum बनाने का अवसर प्रदान करेंगे। भारत के लिए, लक्ष्य अपनी जीत की लय बनाए रखना और अपनी रणनीतियों को बेहतर बनाना होगा, यह सुनिश्चित करते हुए कि वे उसी आत्मविश्वास और निडर रवैये के साथ लंबे फॉर्मेट में प्रवेश करें।
